26 और 28 अगस्त को बाजार में रिवर्सल की उम्मीद:जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस के अहम लेवल; 5 फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की चाल

शेयर बाजार के लिए 25 अगस्त से शुरू होने वाले हफ्ते में दो दिन काफी अहम है। वेल्थव्यू एनालिटिक्स के डायरेक्टर हर्षुभ शाह के मुताबिक 26 और 28 अगस्त को बाजार में रिवर्सल दिख सकता है। वहीं 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के कारण बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा 4 कारोबारी दिन वाले इस हफ्ते में ग्लोबल मार्केट के संकेत, अमेरिकी टैरिफ से लेकर विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और टेक्निकल फैक्टर्स बाजार की चाल तय करेंगे। चलिए समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट जोन: 24,850 / 24,806 / 24,670 / 24,538 / 24,480 / 24,350 / 24,140 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। इन स्तरों पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,978 / 25,083 / 25,145 / 25,322 / 25,434 / 25,566 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। अगर निफ्टी रजिस्टेंस जोन को पार करता है, तो नई तेजी आ सकती है। 26 और 28 अगस्त को बाजार में उलटफेर की संभावना वेल्थव्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 और 28 अगस्त को बाजार में उलटफेर की ज्यादा संभावना है। 27 अगस्त को छुट्टी होने की वजह से, पोजीशन रखने में ज्यादा सावधानी बरतें। पिछले हफ्ते 22 अगस्त को ट्रेड रिवर्सल दिखा था वेल्थव्यू एनालिटिक्स ने अपनी पिछली रिपोर्ट में 21-22 अगस्त को बाजार में ट्रेंड बदलने की संभावना जताई थी। और ठीक वैसा ही हुआ। 6 दिन की लगातार तेजी के बाद 22 अगस्त को बाजार में तेज उलटफेर देखने को मिला था। सेंसेक्स करीब 700 अंकर गिर कर बंद हुआ था। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. अमेरिका का 25% टैरिफ: 27 अगस्त से लागू होने वाले एडिशनल 25% टैरिफ के साथ भारतीय सामान पर कुल टैरिफ 50% हो जाएगा। भारतीय सरकार ने कहा है कि 50% टैरिफ लागू होने के बाद लगभग 50 अरब डॉलर के भारतीय सामान प्रभावित होंगे। इस घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी 2. घरेलू आर्थिक आंकड़े: निवेशक भारत के आर्थिक आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे। इसमें HSBC मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, और कंपोजिट PMI, साथ ही IIP और GDP के आंकड़े शामिल हैं। ये आंकड़े अर्थव्यवस्था की रफ्तार का अहम संकेत देंगे। 3. FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अगस्त में भी बिकवाली के मूड में रहे। 23 अगस्त तक उन्होंने 25,564 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस साल अब तक उनकी कुल बिकवाली 1,57,440 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। यह बाजार के मूड को प्रभावित कर सकता है। 4. अमेरिकी बाजार: वॉल स्ट्रीट की चाल अन्य बाजारों को भी प्रभावित करती है। भारतीय बाजारों पर भी इसका कुछ असर दिख सकता है। इसके अलावा रूस -यूक्रेन के बीच फिर से बढ़ता तनाव युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीदों को कम कर रहा है। इन खबरों से कच्चे तेल की कीमतें भी करीब 1% बढ़ गईं है। ये भारत के लिए नकारात्मक है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक है। 5. तकनीकी स्तर: निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के सपोर्ट जोन के करीब है, जो कि 20-DEMA के आसपास 24,800 पर है। रिलायंस ब्रोकिंग के रिसर्च हेड अजित मिश्रा के मुताबिक, “अगर निफ्टी इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तो यह पहले 25,250 और फिर 25,400 की ओर बढ़ सकता है। लेकिन अगर यह नीचे जाता है, तो यह 24,600 के आसपास सपोर्ट टेस्ट कर सकता है, और मजबूत बेस 24,350 पर मिल सकता है।” इसके अलावा 28 अगस्त को मंथली एक्सपायरी है, जिसके आसपास बाजार में अस्थिरता (उतार-चढ़ाव) बढ़ सकती है। यह बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। सेंसेक्स 694 अंक नीचे 81,307 पर बंद हुआ था हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 22 अगस्त को सेंसेक्स 694 अंक गिरकर 81,307 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 214 अंक की गिरावट रही, ये 24,870 पर आ गया। सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयरों में गिरावट रही, 7 ऊपर बंद हुए। एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील सहित कुल 12 शेयरों में 1% से 2.5% तक की गिरावट रही।

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