सोना ₹1.23 लाख पर पहुंचा, लगातार चौथे दिन कीमत बढ़ी:इस साल अब तक ₹46,408 महंगा हुआ; चांदी भी ₹1.54 लाख के ऑलटाइम हाई पर

सोने-चांदी के दाम आज यानी 9 अक्टूबर को लगातार चौथे दिन ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 472 रुपए बढ़कर 1,22,570 रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले ये 1,22,098 रुपए पर था। वहीं, चांदी की कीमत भी 1,400 रुपए महंगी होकर 1,54,100 पर पहुंच गई। कल ये 1,52,700 रुपए पर थी। इस हफ्ते सिर्फ 4 कारोबारी दिनों में ही सोने के दाम 5618 रुपए बढ़ चुके हैं। पिछले शनिवार यानी 4 अक्टूबर को ये 1,16,952 रुपए पर था। वहीं चांदी इस दौरान 8,490 महंगी हो चुकी है। पिछले शनिवार को ये 1,45,610 रुपए पर थी। इस साल सोना ₹46,408 और चांदी ₹68,083 महंगी हुई 1.55 लाख रुपए तक जा सकता है सोना
गोल्डमैन सैक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले साल तक सोने के लिए 5000 डॉलर प्रति औंस का टारगेट रखा है। मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से रुपए में यह लगभग 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम होगा। ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा ने कहा कि सोना 1,44,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। 1.55 लाख रुपए तक जा सकता है सोना
गोल्डमैन सैक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले साल तक सोने के लिए 5000 डॉलर प्रति औंस का टारगेट रखा है। मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से रुपए में यह लगभग 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम होगा। ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा ने कहा कि सोना 1,44,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। 4 बड़े कारण, जिससे सोने में तेजी के आसार दिख रहे हैं… 1. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनियाभर के बड़े बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। इसलिए वे अपने खजाने में सोने का हिस्सा लगातार बढ़ाते जा रहे हैं। असर: जब बड़े बैंक लगातार खरीदते हैं तो बाजार में सोने की मांग बनी रहती है और कीमत ऊपर जाती है। 2. ‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीति-अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता है। फेडरल रिजर्व पर दखल की बातें डॉलर-बॉन्ड बाजार को कमजोर करती हैं। असर: निवेशक सुरक्षित निवेश ढूंढते हैं और सोने की ओर भागते हैं। इससे सोने की कीमतें बढ़ने लगती हैं। 3. क्रिप्टो से सोने की ओर रुख: क्रिप्टो में उतार-चढ़ाव और सख्त नियमों के डर से निवेशक पैसा सोने में लगा रहे हैं। पिछले कुछ समय के दौरान भारत में शेयर बाजार से कम रिटर्न ने भी सोने को आकर्षक बना दिया। असर: सोने की मांग में तेजी से कीमतें चढ़ जाती हैं। 4. लॉन्ग-टर्म एसेट: सोना कभी भी पूरी तरह बेकार नहीं होता। यह नष्ट नहीं होता, सीमित मात्रा में है और महंगाई के समय अपनी कीमत बचा लेता है। असर: लंबे समय में सोना रखना ज्यादातर फायदेमंद है। —————————————————————————– बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें भारत के 100 अमीरों की नेटवर्थ घटकर 1 ट्रिलियन डॉलर:मुकेश अंबानी देश में सबसे अमीर फोर्ब्स इंडिया की रिच लिस्ट 2025 के मुताबिक भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की नेटवर्थ 9% गिरकर 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 88 हजार करोड़ रुपए हो गई। लिस्ट में फीचर हुए लगभग दो-तिहाई लोग पिछले साल से ‘कम अमीर’ हो गए हैं। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 12% कम होने के बाद भी ₹9.32 लाख करोड़ के टॉप पर बने हुए है। पूरी खबर पढ़ें

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