हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार (19 जनवरी) को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों के बीच घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई (BSE) सेंसेक्स करीब 300 अंक गिरकर 83,250 के स्तर के पास आ गया। वहीं निफ्टी 50 भी 100 अंकों से ज्यादा टूटकर 25,600 के नीचे फिसल गया। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में सुबह से ही 150 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखी जा रही थी, जिसका असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिखा। बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का वो बयान है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी दी है। इसके अलावा रिलायंस और ICICI बैंक जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली से भी निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 में तेजी और 16 में गिरावट है। रिलायंस और ICICI बैंक के शेयर में 3% तक की गिरावट है। ट्रम्प की टैरिफ वाली धमकी से ग्लोबल मार्केट में गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो देश उनकी योजनाओं का विरोध करेंगे, उन पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। इस बयान के बाद अमेरिका से लेकर एशिया तक के बाजारों में डर का माहौल है। जापान का निक्केई और हॉन्गकॉन्ग का हेंगसेंग भी आज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती है। रिलायंस और ICICI बैंक के शेयरों में दबाव देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आने के बाद आज इसके शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। रिलायंस का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक रहा है, लेकिन मार्जिन में हल्की कमी आने से निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। वहीं, ICICI बैंक के नतीजे भी इन-लाइन रहे, फिर भी शुरुआती कारोबार में शेयर 2% तक टूट गया। भारी वजन वाले इन दोनों शेयरों के गिरने से निफ्टी पर दबाव बढ़ गया है। विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार निकाल रहे पैसा भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों का पैसा निकालने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते शुक्रवार को भी FIIs ने कैश मार्केट में 4,300 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। जनवरी महीने में अब तक वे करीब 16,600 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। हालांकि, घरेलू निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ग्लोबल दबाव के आगे यह सपोर्ट कम पड़ता दिख रहा है। सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी, डॉलर मजबूत हुआ दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ गई है। आज सुबह सोना करीब 1.6% की बढ़त के साथ $4,670 के पार निकल गया, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। चांदी की कीमतों में भी 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया। दूसरी तरफ, ट्रम्प के बयानों के बाद डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे भारतीय रुपया भी दबाव में है। ग्लोबल मार्केट में मिला जुला कारोबार विदेशी निवेशकों ने ₹4,346 करोड़ के शेयर बेचे आगे क्या होगा: इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर बाजार के जानकारों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों की नजर अब चीन के जीडीपी आंकड़ों और यूरोप के महंगाई दर (CPI) के डेटा पर है। अगर ग्लोबल डेटा उम्मीद से खराब आता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। भारत में अभी तिमाही नतीजों का सीजन चल रहा है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में एक्शन देखने को मिलता रहेगा। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। शुक्रवार को सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर बंद हुआ था बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (16 जनवरी) को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर 83,570 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 28 अंक चढ़ा, ये 25,694 के स्तर पर बंद हुआ था।
