सूरजपुर में स्कूली बच्चों से धुलवाए बर्तन…VIDEO:रसोइयों की हड़ताल, शिक्षकों ने बनाया खाना, हेडमास्टर ने स्टूडेंट्स को बर्तन धोने नाला भेजा, सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्कूली बच्चों से नाले के पानी से बर्तन धोने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूल के बच्चे मिड-डे-मील का खाना बनाने के बड़े बर्तनों को नाले के पानी से धो रहे हैं। इसके बाद बच्चे उन धुले बर्तनों को स्कूल ले जा रहे हैं। वीडियो सामने के आने बाद डीईओ ने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद डीईओ ने हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही संकुल प्राचार्य, समन्वयक और 2 अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। यह मामला देवीपुर के अंबेडकर पारा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला का है। जांच में सामने आया कि रसोइया संघ की हड़ताल के कारण स्कूलों में खाना बनाने का जिम्मा शिक्षकों के जिम्मे आ गया। बर्तन धोने के लिए भी कर्मचारी नहीं हैं। इसी वजह से हेडमास्टर और टीचर्स ने ही बच्चों को बर्तन धोने नाला भेजा था। पहले देखिए ये 3 तस्वीरें- अब जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक 12 मार्च को देवीपुर प्राइमरी स्कूल के बच्चे एमडीएम में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को लेकर स्कूल के पास बह रहे नाले में धोने पहुंचे। वहां उन्होंने नाले के पानी से बर्तन धोए। कुछ ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया और वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले पर डीईओ अजय मिश्रा ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए थे। हेडमास्टर को किया गया सस्पेंड मामले की जांच सूरजपुर बीईओ हरेंद्र सिंह ने की। जांच में पता चला कि बच्चों को हेडमास्टर और टीचर्स ने ही बर्तन नाले के पानी से धोने के लिए कहा था। जांच रिपोर्ट के बाद डीईओ अजय मिश्रा ने स्कूल की हेडमास्टर मारिया गोरेती को सस्पेंड कर दिया है। मामले में डीईओ ने संकुल प्राचार्य संतोष मरकाम, संकुल समन्वयक सुशील कुमार ठाकुर और संकुल केंद्र लांची को लापरवाही के आरोप में नोटिस भेजा है। इसके अलावा स्कूल की सहायक शिक्षिका प्रेमलता पांडेय और जितेश्वरी को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। डीईओ ने दोनों टीचर्स की एक-एक वेतनवृद्धि भी रोक दी है। रसोइए हड़ताल पर, शिक्षक बना रहे खाना दरअसल, पूरे प्रदेश में रसोइया संघ ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दिया है। इसके कारण स्कूलों में खाना बनाने का जिम्मा शिक्षकों के जिम्मे आ गया है। स्कूलों में शिक्षक पढ़ाने के अलावा एमडीएम बनाने का भी काम कर रहे हैं। बर्तन धोने के लिए भी कर्मचारी नहीं हैं। इस कारण शिक्षक बच्चों से बर्तन धुलवा रहे हैं। यहां बताया गया है कि बच्चों को नाले में बर्तन धोने भेजा गया। इससे बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी के कारण यह कार्रवाई की गई है। गरीब बच्चों से स्कूल में सीमेंट-रेत ढुलाई, पुताई करवाई इससे पहले सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल परिसर में निर्माण कार्य और पुताई कराए जाने का मामला भी सामने आया था। छात्रों के परिजनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की थी। उनका आरोप था कि आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल में सीमेंट, रेत और अन्य सामान से निर्माण का काम कराया जा रहा था। बच्चों से कक्षाओं की पुताई भी करवाई गई। परिजनों का कहना है कि जो छात्र काम करने से मना करते थे, उन्हें टीसी काटने की धमकी दी जाती थी। पढ़ें पूरी खबर… ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं से कराई रंगाई-पुताई…VIDEO:रायगढ़ में स्टूडेंट्स ने दीवारों को रंगा, छज्जे पर चढ़कर निकाली गंदगी, वार्डन बोलीं-प्यून ने करवाया काम छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कन्या छात्रावास की छात्राओं से रंगाई-पुताई कराए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल है, जिसमें लड़कियां हॉस्टल के कमरे की पुताई करते दिख रही हैं। वहीं छात्राएं छज्जे की सफाई कर गंदगी निकालते हुए भी नजर आ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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