राजनांदगांव की यातायात पुलिस ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पहल के तहत यातायात पुलिस ने एक प्राथमिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया, जिसमें सीएमएचओ डॉ. आशीष वर्मा और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. बोधन पटेल ने ट्रेनिंग दी। शिविर में ड्राइवर संघ, सड़क सुरक्षा मितान और युवाओं को हादसों के दौरान जान बचाने वाली जरूरी तकनीकों के बारे में बताया गया। इसमें CPR, कृत्रिम श्वसन, और घायल व्यक्ति की श्वास नली को खुला रखने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर फोकस किया गया। वाहन चालकों के बनाए गए लर्निंग लाइसेंस और सर्टिफिकेट इसके अतिरिक्त, खैरागढ़ के राजा फतेह सिंह मैदान के सामने यातायात पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ने दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में वाहन चालकों को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने की सुविधा प्रदान की गई। यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करें और गोल्डन ऑवर की महत्ता को समझें। यह पहल न केवल यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि दुर्घटनाओं में होने वाली अनावश्यक मौतों को भी रोकने में सहायक होगी। सड़क सुरक्षा के लिए यातायात पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने इस अभियान के तहत न केवल नियमों के पालन पर जोर दिया, बल्कि आम जनता से दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद करने और सड़क पर सुरक्षित चलने की अपील भी की। अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अगर हम सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और ज़रूरतमंदों की मदद को प्राथमिकता दें, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। यातायात पुलिस का यह अभियान सड़क पर जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है, जो आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक होगा।
