लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भाषण जारी है। राहुल ने कहा- अमेरिका और चीन की नजर भारत के लोगों के डेटा पर है। अगर अमेरिका को सुपरपावर बने रहना हैं तो इसकी चाबी भारतीय डेटा ही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा- अगर हमारी सरकार होती और इंडिया ब्लॉक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत कर रहा होता तो मैं कहता कि डील पर बराबरी से बात होगी। हम आपके नौकर नहीं है। क्या अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। राहुल ने कहा- भारत-अमेरिका ट्रेड डील के चलते एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में है। हम युद्ध के दौर में जी रहे हैं। गाजा में युद्ध, रूस-यूक्रेन के बीच चल रही है। चीन अमेरिका को चैलेंज कर जा रहा है। अब एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बना दिया गया है। राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि युद्ध का युग समाप्त हो गया है, लेकिन हम युद्ध के युग में प्रवेश कर रहे हैं। देश के बजट में दुनियाभर के संघर्षों के असर से निपटने को लेकर कुछ नहीं कहा गया है। बजट में एनर्जी और फाइनेंस को वेपनाइजेशन के बारे में कुछ नहीं है। संसद में बजट सत्र से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
