संसद में खड़गे बोले-कुंभ भगदड़ में हजारों लोग मारे गए:धनखड़ ने बयान वापस लेने को कहा; विपक्ष बोला- सरकार मौतों का सही आंकड़ा बताए

संसद में बजट सेशन के तीसरे दिन सोमवार को महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों को लेकर विपक्ष ने दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस, सपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने सरकार पर मौत का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मौतों की सही जानकारी देने की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- 29 जनवरी को महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए हजारों लोगों को मेरी श्रद्धांजलि। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उन्हें बयान (हजारों लोगों की मौत) वापस लेने को कहा। जवाब में खड़गे ने कहा कि, ‘यह मेरा अनुमान है। अगर आंकड़े सही नहीं हैं तो सरकार को बताना चाहिए कि सच्चाई क्या है। मैंने किसी को दोषी ठहराने के लिए हजारों नहीं कहा। लेकिन कितने लोग मारे गए, यह जानकारी तो दीजिए। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांगूंगा।’ महाकुंभ में 28 जनवरी को मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पहले रात करीब 2 बजे भगदड़ हुई थी। यूपी सरकार ने 17 घंटे बाद 30 मौतों और 60 लोग के घायल होने की बात कही। लोकसभा में विपक्ष का वॉकआउट, कुछ देर बाद लौट आए लोकसभा में भी हंगामा कर रहे सांसद वेल तक पहुंच गए। वे स्पीकर ओम बिरला से कुंभ भगदड़ पर चर्चा की मांग कर रहे थे। बिरला ने सांसदों से कहा- आपको जनता ने यहां सवाल पूछने भेजा है कि मेज तोड़ने, अगर मेज तोड़ने भेजा है तो और जोर से मारिए। इसके बाद भी विपक्षी सांसद हंगामा करते रहे। वे नारा लगा रहे थे- सरकार कुंभ में हुई मौतों का आंकड़ा जारी करे। केंद्र सरकार होश में आओ। योगी सरकार इस्तीफा दो। सनातन विरोधी सरकार इस्तीफा दो। विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया। कुछ देर बाद वे वापस आ गए। भगदड़ पर पक्ष और विपक्ष के बयान… भाजपा सांसद रविशंकर बोले- साजिश की बू आ रही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- ‘पहले दिन से ही राज्य सरकार आंकड़े दे रही है कि कितने लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई। जो लोग पवित्र डुबकी लगाने वालों की संख्या बता सकते हैं, वे यह नहीं बता पा रहे हैं कि कितने लोगों की जान गई। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह पहले सीएम हैं जो सच को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सरकार का दिया गया 30 लोगों की मौत आंकड़ा सही नहीं है।’ कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- ‘हम एक घंटे के लिए सदन से वॉकआउट कर गए। हम फिर से वापस आएंगे और मुद्दे को उठाएंगे। हमें फोन आ रहे हैं, लोग रो रहे हैं, वे अपने परिवारों से नहीं मिल पा रहे हैं। हम जानना चाहते हैं कि मृतकों की लिस्ट क्यों जारी नहीं की गई।’ सपा सांसद जया बच्चन ने कहा- ‘इस देश में अभी सबसे बड़ा मुद्दा है महाकुंभ भगदड़ की घटना है। उन्हें मृतकों की सही संख्या बतानी चाहिए और जनता को सफाई देनी चाहिए। उन्होंने झूठ बोला। व्यवस्थाएं आम आदमी के लिए नहीं बल्कि VIP के लिए था।’ मौनी अमावस्या को देर रात भगदड़ हुई
प्रयागराज के संगम तट पर 28 जनवरी को मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पहले देर रात करीब 2 बजे भगदड़ मच गई थी। मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के चलते काफी भीड़ थी। प्रशासन के मुताबिक संगम समेत 44 घाटों पर 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे। इससे ठीक एक दिन पहले साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। यूपी सरकार ने 17 घंटे बाद 30 मौतों और 60 लोगों के घायल होने की बात मानी थी। हालांकि भास्कर की पड़ताल में यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो रहा है। 30 जनवरी को भास्कर रिपोर्टर को मोतीलाल नेहरू कॉलेज की मॉर्च्युरी में 24 लावारिस शव रखे मिले थे। अगर इनमें से बीते दिन के 5 लावारिस शव घटा भी दें, तो भी नई 19 लाशें सामने थीं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 49 हो जाती है। रिपोर्टर ने कुछ अफसरों और कर्मचारियों से बात की और लावारिस लाशों की लिस्ट चेक करने की कोशिश की। एसडीएम आशुतोष मिश्रा से बातचीत में सामने आया कि 29 जनवरी को यहां 40 से 50 शव रखे थे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के पोस्टमॉर्टम हाउस में बैठे एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया था कि 20 शव अब भी रखे हुए हैं। हालांकि इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकी। —————————————– मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… महाकुंभ में 30 मौतों के जिम्मेदार 6 अफसर:एक ने पुल बंद किए, एक ने भीड़ बढ़ने दी, एक बोला- उठो, भगदड़ मचने वाली है 28 जनवरी की देर रात करीब 1.30 बजे प्रयागराज के संगम नोज इलाके में भगदड़ मच गई। प्रशासन के मुताबिक 30, जबकि भास्कर रिपोर्टर्स के मुताबिक 35-40 लोगों की मौत हुई है। 29 जनवरी की दोपहर होते-होते मौनी अमावस्या का शाही स्नान भी हो गया, लेकिन इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन हैं, ये सवाल अब भी सामने है। पढ़िए दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट… 49, 61 या 100, भगदड़ में मौतों का आंकड़ा क्या: महाकुंभ में एक नहीं 3 जगह भगदड़ हुई, GT रोड पर भी 5 मरे महाकुंभ में 28 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे संगम नोज इलाके में भगदड़ हुई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 30 लोगों की मौत हुई है और 60 लोग घायल हैं। भगदड़ सिर्फ एक जगह हुई और मरने वालों की संख्या सिर्फ 30 है, ये दोनों ही बातें सवालों के घेरे में है। पूरी खबर पढ़ें…

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