शेयर बाजार के लिए इस हफ्ते 5 सितंबर की तारीख अहम है। वेल्थव्यू एनालिटिक्स के डायरेक्टर हर्षुभ शाह के मुताबिक इस दिन बाजार में बड़ा मूवमेंट दिख सकता है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की मीटिंग, ग्लोबल मार्केट के संकेत, अमेरिकी टैरिफ से लेकर विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और टेक्निकल फैक्टर्स बाजार की चाल तय करेंगे। चलिए समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट जोन: 24,380 / 24,331 / 24,140 / 23,875 / 23,820 / 23,320 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। इन स्तरों पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,460 / 24,540 / 24,650 / 24,800 / 25,001 / 25,080 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। अगर निफ्टी रजिस्टेंस जोन को पार करता है, तो नई तेजी आ सकती है। ट्रेडिंग टिप्स: क्या करें ट्रेडर्स? पिछले हफ्ते 26 और 28 अगस्त को ट्रेड रिवर्सल दिखा था वेल्थव्यू एनालिटिक्स ने अपनी पिछली रिपोर्ट में 26 और 28 अगस्त को ट्रेंड रिवर्सल की बात कही थी और वैसा ही हुआ। 26 और 28 अगस्त को बाजार में तेज बिकवाली दिखी। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. जीएसटी काउंसिल की मीटिंग: 3-4 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की अहम मीटिंग होने वाली है। बाजार की नजर इस मीटिंग पर होगी, क्योंकि इसमें दो-स्लैब टैक्स सिस्टम मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो ऑटो और कंज्यूमर स्टॉक्स में तेजी आ सकती है। 2. ट्रम्प के टैरिफ पर कोर्ट: शुक्रवार को अमेरिका की एक अपील कोर्ट ने फैसला दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ज्यादातर टैरिफ गैरकानूनी हैं। लेकिन ये फैसला अभी अंतिम नहीं है। टैरिफ कम से कम 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे, ताकि ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके। इस खबर से ग्लोबल मार्केट में थोड़ी राहत की उम्मीद है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। 3. FII की बिकवाली: बाजार की चाल काफी हद तक फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की खरीद-बिक्री निर्भर करेगी। शुक्रवार को FII ने 8,312.66 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) ने 11,487.64 करोड़ रुपये की खरीदारी की। 2025 में अब तक FII ने 1,30,635 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं, जिनमें अगस्त में ही 34,993 करोड़ रुपए की बिकवाली शामिल है। 4. अमेरिकी बाजार: वॉल स्ट्रीट की चाल अन्य बाजारों को भी प्रभावित करती है। भारतीय बाजारों पर भी इसका कुछ असर दिख सकता है। 5. तकनीकी स्तर: एंजेल वन के सीनियर एनालिस्ट ओशो कृष्ण का कहना है कि निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक अभी कमजोर है। निफ्टी 100-DEMA से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो मंदी का संकेत है। यह 24,350 के हाल के निचले स्तर के करीब है। अगर यह लेवल टूटता है, तो निफ्टी 24,150-24,100 (200-दिन के सिम्पल मूविंग एवरेज) तक गिर सकता है। ऊपरी तरफ 24,600-24,800 पर रेजिस्टेंस है। सेंसेक्स 271 अंक गिरकर 79,810 पर बंद हुआ था हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 29 अगस्त को सेंसेक्स 271 अंक गिरकर 79,810 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में 74 अंक की गिरावट रही, ये 24,427 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 17 में तेजी और 13 में गिरावट रही। ITC और BEL सहित 6 शेयर्स 2% तक चढ़े। MM, रिलायंस और इंफोसिस के शेयरों में 3% तक की गिरावट रही। निफ्टी के 50 में 23 शेयरों में तेजी है, जबकि 27 नीचे बंद हुए। NSE के रियल्टी, ऑटो और ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा गिरावट है। FMCG और मीडिया इंडेक्स में तेजी रही।
डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी और सीखने के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
