वर्ल्ड अपडेट्स:दक्षिण अफ्रीका में शराबखाने के पास सामूहिक गोलीबारी, 10 लोगों की मौत, 10 घायल

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में रविवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, हमले का मकसद फिलहाल स्पष्ट नहीं है। गौतेंग प्रांत की पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर ब्रेंडा मुरीडिली ने बताया कि कुछ पीड़ितों को सड़कों पर अचानक गोली मारी गई। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। यह गोलीबारी बेकर्सडाल के एक शराबखाने के पास हुई। घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश जारी है। यह इस महीने दक्षिण अफ्रीका में दूसरी बड़ी गोलीबारी की घटना है। इससे पहले 6 दिसंबर को राजधानी प्रिटोरिया के पास एक हॉस्टल में हुई फायरिंग में 12 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक तीन साल का बच्चा भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक, उस हॉस्टल में अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। 6.3 करोड़ की आबादी वाले दक्षिण अफ्रीका में अपराध की दर बेहद अधिक है और यह दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां हत्या की दर सबसे ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जेलेंस्की बोले- अमेरिका और रूस के साथ तीन-पक्षीय बातचीत के लिए तैयार, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अमेरिका की तीन-पक्षीय वार्ता प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर बातचीत से कैदियों की अदला-बदली हो सकती है या राष्ट्रीय नेताओं की बैठक का रास्ता साफ होता है, तो यूक्रेन इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के शीर्ष वार्ताकार रुस्तेम उमेरोव ने उन्हें अमेरिकी वार्ताकारों के साथ शुक्रवार को हुई हालिया चर्चाओं की जानकारी दी है, और शनिवार को एक नई दौर की बातचीत होनी है, जिसमें जंग के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण पर चर्चा की जाएगी। इसी बीच, रूसी विशेष दूत किरिल दमित्रिएव भी अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए मियामी में मौजूद हैं। जेलेंस्की के अनुसार, अमेरिका अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर अमेरिका, यूक्रेन और रूस के बीच तीन-पक्षीय वार्ता का प्रस्ताव दे रहा है। उन्होंने कहा, “अगर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक से नेताओं की बैठक पर सहमति बन जाए, तो मैं इसका विरोध नहीं कर सकता। हम ऐसे अमेरिकी प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। देखते हैं आगे क्या होता है।” जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन केवल उन प्रस्तावों का समर्थन करेगा जिनमें पूर्वी यूक्रेन के डॉनबास इलाके में अभी जो फ्रंटलाइन है, वह वैसी की वैसी रहे। यानी यूक्रेन को अपना जो हिस्सा अभी कंट्रोल में है, उसे छोड़ना नहीं पड़ेगा। वे कोई भी समझौता नहीं चाहते जिसमें उनका कब्जे वाला क्षेत्र रूस को देना पड़े। उन्होंने कहा, “मेरे लिए न्यायपूर्ण विकल्प यही है कि हम वहीं खड़े रहें जहां अभी खड़े हैं।” पूर्वी यूक्रेन में एक ‘मुक्त आर्थिक क्षेत्र’ बनाने के अमेरिकी प्रस्ताव पर जेलेंस्की ने कहा कि यह फैसला यूक्रेन के लोगों को करना है। अंत में उन्होंने जोर दिया कि वे हर कदम पर सावधानी से काम कर रहे हैं ताकि जमीन बंटवारा समझौता न हो, बल्कि स्थायी शांति और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी मिले।

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