चीनी पत्रकार झांग झान को वुहान में कोविड-19 की शुरुआती हालात की खबरें दिखाने के लिए फिर से 4 साल की जेल की सजा दी गई है। यह जानकारी प्रेस की आजादी के लिए काम करने वाले संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने दी। 42 साल की झांग झान को “लड़ाई-झगड़ा करने और परेशानी पैदा करने” के आरोप में सजा मिली। 2020 में इसी आरोप में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, तब उन्होंने वुहान में कोरोना वायरस के फैलने की खबरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे। RSF की अधिकारी अलेक्सांद्रा बिएलाकोव्स्का ने कहा- झांग झान को दुनिया भर में सम्मान मिलना चाहिए, न कि जेल में कठिन हालात झेलने चाहिए। उनकी मुश्किलें खत्म होनी चाहिए। दुनिया के देशों को चीन पर दबाव डालकर उन्हें तुरंत रिहा करवाना चाहिए। झांग को मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था, तब उन्होंने वुहान के भरे हुए अस्पतालों और खाली सड़कों की तस्वीरें और वीडियो दिखाए थे। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने खाना छोड़ दिया था, जिसकी वजह से पुलिस ने उनके हाथ बांधकर जबरदस्ती खाना खिलाया। उनके वकील ने कहा था कि झांग को लगता है कि उन्हें अपनी बात कहने की आजादी के लिए सजा दी जा रही है। मई 2024 में अपनी पहली सजा पूरी करने के बाद झांग को रिहा किया गया, लेकिन तीन महीने बाद अगस्त 2024 में फिर से पकड़ लिया गया। RSF का कहना है कि यह नई सजा उनकी मानवाधिकारों पर की गई खबरों के कारण दी गई। चीन ने कभी साफ नहीं बताया कि झांग पर ये आरोप क्यों लगाए गए। RSF के मुताबिक, चीन में पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी जेल है, जहां कम से कम 124 पत्रकार कैद हैं। 2025 के प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिकी महिला ने ChatGPT की मदद से ₹1.23 करोड़ की लॉटरी जीती, अब पूरी रकम दान करेंगी अमेरिकी में वर्जीनिया की कैरी एडवर्ड्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लॉटरी में 1.23 करोड़ रुपए (लगभग 150,000 डॉलर) जीते। उन्होंने ChatGPT से लॉटरी नंबर चुनने को कहा था, और ये नंबर 8 सितंबर को वर्जीनिया पावर-बॉल लॉटरी में सही निकले। कैरी ने बताया कि उन्होंने मजाक में ChatGPT से कहा था- ‘मुझसे बात करो, मेरे लिए नंबर दे!” AI के दिए नंबरों में चार मुख्य नंबर और पावर-बॉल नंबर सही थे, जिससे उन्हें 50,000 डॉलर का इनाम मिला। चूंकि उन्होंने 1 डॉलर का पावर प्ले ऑप्शन चुना था, उनकी जीत तीन गुना होकर 150,000 डॉलर हो गई। जब कैरी को फोन पर जीत का मैसेज मिला, तो उन्हें लगा कि यह कोई स्कैम है। उन्होंने कहा- मुझे यकीन नहीं हुआ कि मैंने जीता है! लेकिन जल्द ही मुझे पता चला कि AI के नंबरों से मैं लाखों रुपए जीत गई हूं। कैरी ने इस जीत को ईश्वर का आशीर्वाद बताया और सारा पैसा तीन चैरिटी संगठनों को दान करने का फैसला किया। उन्होंने कहा- मुझे पता था कि यह पैसा दूसरों की मदद के लिए देना है। मैं चाहती हूं कि लोग मेरे इस काम से प्रेरणा लें। हमास ने 48 इजराइली बंधकों की एक तस्वीर जारी की, कहा- नेतन्याहू के अड़ियल रवैये का नतीजा हमास ने शनिवार को 48 इजराइली बंधकों की एक तस्वीर जारी की, जिनमें जीवित और मृत दोनों शामिल हैं। हर फोटो के नीचे ‘रोन अराद’ लिखा है, जो 1986 में लेबनान में पकड़े गए इजरायली वायुसेना अधिकारी थे, जिनका आज तक कुछ पता नहीं चला। हमास ने इस तस्वीर के साथ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख इयाल जमीर पर निशाना साधते हुए कहा, “नेतन्याहू के अड़ियल रवैये के कारण हुआ है।” यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है जब गाजा सिटी में भारी लड़ाई चल रही है। इजराइली सेना ने वहां सुरंगों और विस्फोटक लगे भवनों को नष्ट करने का दावा किया है। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 60 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। हमास का कहना है कि बंधक गाजा सिटी के विभिन्न इलाकों में फैले हैं और इजराइली बमबारी से उनकी जान को खतरा है। हमास पहले भी कई बंधकों के वीडियो जारी कर चुका है, जिनमें कुछ बंधकों की बिगड़ती हालत और एक मामले में एक बंधक को अपनी कब्र खोदते हुए दिखाया गया था। बंधकों के परिवारों और अमेरिका जैसे सहयोगी देशों ने इन वीडियोज को मानसिक युद्ध का हिस्सा बताया है। इजराइल में रविवार को तेल अवीव और अन्य शहरों में बड़े प्रदर्शन होने की उम्मीद है, जहां लोग सरकार से बंधकों की रिहाई के लिए समझौता करने और युद्ध रोकने की मांग करेंगे। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्रिटेन और कनाडा सहित 10 देश सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले फिलिस्तीनी राज्य को औपचारिक रूप से मान्यता देने की तैयारी में हैं। इजराइल ने गाजा सिटी की ऊंची इमारतों को नष्ट करने का अभियान तेज कर दिया है। सेना ने शहर के पूर्वी उपनगरों पर कब्जा कर लिया है और शेख रदवान और तेल अल-हवा जैसे इलाकों पर हमले कर रही है। पिछले दो हफ्तों में गाजा सिटी में करीब 20 ऊंची इमारतें ध्वस्त की गई हैं। इजराइली मीडिया के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग शहर छोड़कर भाग चुके हैं, हालांकि हमास इस आंकड़े पर सवाल उठाता है। ट्रम्प बोले- मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, मैंने दुनियाभर में 7 युद्ध रुकवाए; 40 बार बोल चुके- भारत-PAK तनाव खत्म कराया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर कहा है कि मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रम्प ने फिर दावा किया कि मैंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाया। साथ ही 7 युद्ध खत्म कराए। 10 मई को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर भारत-पाकिस्तान में सीजफायर का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सरकार की मध्यस्थता और देर रात तक चर्चा के बाद भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर राजी हो गए। इसके बाद से ट्रम्प 40 बार दावा कर चुके हैं- ‘मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने में मदद की।’ कैलिफोर्निया में पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों के लिए मास्क पहनने पर बैन, क्रिमिनल को रोकने के लिए फैसला कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसॉम ने एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पुलिस और फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स को काम के दौरान चेहरा ढंकने की मनाही होगी। ये फैसला इसलिए लिया गया है , ताकि क्रिमिनल्स पुलिस का गेटअप लेकर लोगों को परेशान नहीं कर पाए। यह कानून लॉस एंजिल्स में हाल की छापेमारी के जवाब में लाया गया, जहां मास्क पहने एजेंट्स ने कई लोगों को पकड़ा था। इससे वहां विरोध प्रदर्शन हुए और राष्ट्रपति ट्रम्प ने नेशनल गार्ड को भेजा। न्यूसॉम ने कहा कि कैलिफोर्निया में 27% लोग विदेशी मूल के हैं, और यह विविधता राज्य की ताकत है। उन्होंने मास्क पहने एजेंट्स का लोगों को पकड़ने को गलत बताया। लेकिन यह साफ नहीं है कि यह कानून फेडरल एजेंट्स पर कैसे लागू होगा। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि मास्क एजेंट्स की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, क्योंकि उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। अभियोजक बिल एस्सायली ने कहा कि यह कानून फेडरल एजेंट्स पर लागू नहीं होगा। होमलैंड सिक्योरिटी की अधिकारी ट्रिशिया मैक्लॉघलिन ने इसे एजेंट्स के लिए खतरनाक बताया। न्यूसॉम ने कहा कि उत्पीड़न के दावों का कोई सबूत नहीं है। कानून में क्या है? न्यूसॉम ने कहा- यह कानून लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ाने और अपराधियों द्वारा पुलिस की नकल रोकने के लिए है। कानून विशेषज्ञों ने इसका समर्थन किया है। अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में गोलीबारी, 1 की मौत; हमलावर ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाए अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में नैशुआ के स्काई मीडो कंट्री क्लब में शनिवार को एक हमलावर ने गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। संदिग्ध को में लिया गया। पुलिस ने कहा कि अब कोई खतरा नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर का मकसद अभी साफ नहीं है। घायलों की स्थिति के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली। प्रत्यक्षदर्शी टॉम बार्टेलसन ने बताया कि उनके भतीजे की शादी के दौरान अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि हमलावर ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाए, ऐसा लग रहा था कि वह किसी खास व्यक्ति को निशाना बना रहा था। एक अन्य व्यक्ति, एमिली अर्न्स्ट ने बताया कि उन्होंने एक काले कपड़े पहने और मास्क लगाए बंदूकधारी को देखा, जिसके बाद वे अपनी जान बचाने के लिए भागे। नैशुआ के मेयर जिम डोनचेस ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोषी को सजा दिलाएगी। उन्होंने कहा कि यह घटना हर समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। नैशुआ, बोस्टन से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में, मैसाचुसेट्स सीमा के पास स्थित है। नीदरलैंड में शरणार्थियों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन छोड़ा, 30 गिरफ्तार शनिवार को नीदरलैंड के द हेग में हजारों लोगों ने शनिवार को इमिग्रेशन पॉलिसी और बढ़ती शरणार्थियों की संख्या के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। स्थानीय सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है। यह प्रदर्शन 29 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से ठीक एक महीने पहले हुआ। इस साल नीदरलैंड में कुल 44,055 शरणार्थी और उनके परिवार के सदस्य आए। 2024 में, सीरिया से 44% शरणार्थी आए, जबकि इराक, तुर्की, इरिट्रिया, और यमन से लगभग 5% शरणार्थी आए। प्रदर्शनकारियों ने, जिनमें से कई डच झंडे और दक्षिणपंथी समूहों के झंडे लहरा रहे थे, पुलिस के साथ हिंसक झड़प की। उन्होंने पत्थर और बोतलें फेंकी। एक पुलिस गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन स्थल के पास एक हाईवे को कुछ देर के लिए बंद कर दिया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सेंटर-लेफ्ट डट पार्टी के मुख्यालय की कई खिड़कियां भी तोड़ दीं। डट के नेता रॉब जेटेन ने एक्स पर लिखा, “गुंडे। तुम राजनीतिक दलों पर हाथ नहीं डाल सकते। अगर तुम्हें लगता है कि तुम हमें डरा सकते हो, तो तुम गलत हो। हम कभी भी चरमपंथी दंगाइयों को हमारा देश छीनने नहीं देंगे।”
