लेह हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां के सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र अगले 2 दिन और बंद रहेंगे। यहां लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है। वहीं, लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार को कहा- मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। लेह में हिंसा भड़काने के आरोप गलता हैं। इससे हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और बिगड़ेंगे। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सिक्योरिटी एजेंसियां के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत लेह में हिंसा हुई। अब कारगिल में भी BNS की धारा 163 लागू की गई है। उधर, सीबीआई ने वांगचुक की NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ विदेशी फंडिंग (FCRA) मामले में जांच शुरू की है। उनके NGO का FCRA लाइसेंस भी रद्द किया है। उनके एनजीओ HIAL और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) पर विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। दरअसल, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में 24 सितंबर को आंदोलन हुआ। इस दौरान हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई। 80 से ज्यादा आंदोलनकारी और 30 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। FCRA क्या है… FCRA का मतलब है फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट। अगर कोई भारतीय NGO या संस्था विदेश से पैसा लेना चाहती है (चाहे दान, ग्रांट, चैरिटी या किसी प्रोजेक्ट के लिए) तो उसे पहले सरकार से FCRA लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना इस लाइसेंस के विदेश से आया पैसा लेना या इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। CBI वांगचुक के NGO के अकाउंट्स की जांच कर रही सीबीआई की टीमें लद्दाख में डेरा डाले हुए हैं। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सीबीआई टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस मामले में वांगचुक ने कहा कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम गृह मंत्रालय का आदेश लेकर उनके पास आई थी। इसमें कहा गया था कि उनकी दोनों संस्थाओं ने विदेशी चंदा लेने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली। इस पर सोनम का कहना है कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं। दोनों संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं। HIAL में तो छात्रों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्टाइपेंड भी दिया जाता है। CBI जांच पर वांगचुक ने कहा… 24 सितंबर को लद्दाख में हालात बिगड़ गए थे। 1989 के बाद की सबसे बड़ी हिंसा में युवाओं ने तोड़फोड़ और आगजनी की। भाजपा कार्यालय, हिल काउंसिल और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। हालात काबू करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को आंसू गैस छोड़नी पड़ी। अब जानिए हिंसा कैसे भड़की, 2 पॉइंट में… 6 अक्टूबर को सरकार के साथ बैठक इन मांगों को लेकर सरकार के साथ बैठक दिल्ली में 6 अक्टूबर को होगी। साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… लद्दाख में राज्य का दर्जा मांग रहे प्रदर्शनकारियों ने लेह में भाजपा ऑफिस जलाया, शहर में मार्च-रैली बैन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में 24 सितंबर को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
