लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइन को फ्लाइट ऑपरेशन से हटा दिया गया है। एयरलाइन के मुताबिक, फ्लाइट AI 132 को उड़ान भरनी थी, लेकिन पायलट ने बताया कि प्लेन का फ्यूल कंट्रोल स्विच इंजन स्टार्ट करने के दौरान 2 बार पोजिशन से कटऑफ हुआ। इसके बाद प्लेन को ऑपरेशन से हटा दिया गया। प्लेन में आई खराबी की जांच में ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM यानी बोइंग कंपनी) को शामिल किया गया है। मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी दी गई है। एयरलाइन ने बताया कि DGCA के निर्देश के बाद उसने अपने पूरे Boeing 787 फ्लीट के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की थी, जिसमें कोई समस्या सामने नहीं आई थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश भी फ्यूल कंट्रोल स्विच इंजन स्टार्ट करने में दिक्कत की वजह से हुआ था। फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच ‘रन’ पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को ‘कटऑफ’ पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए। FIP ने कहा- AI 171 क्रैश के बाद से सेफ्टी की चिंता फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने कहा कि AI-171 हादसे के बाद से ही बोइंग 787 विमानों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं जताई जा रही हैं। हमने सभी बोइंग 787 विमानों को ग्राउंड करके उनके इलेक्ट्रिकल सिस्टम की डिटेल्ड जांच कराने का कहा है। सामने आ रहीं घटनाएं इशारा करती हैं कि प्लेन में इलेक्ट्रिकल खराबियों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि AI-161 में आशंका जताई गई कि TCMA में इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण फ्यूल कंट्रोल स्विच अपने आप मूव हो गए। हमने DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA) को ई-मेल और लेटर लिखे। रंधावा ने 787 से जुड़ी घटनाएं बताईं दावा- अहमदाबाद प्लेन क्रैश में फ्यूल कंट्रोल स्विच कटऑफ हुआ था 12 जून 2025 को एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 क्रैश हो गई थी। हादसे में प्लेन में सवार 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जहां विमान गिरा था, वहां मौजूद 29 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्राइमरी रिपोर्ट में दावा किया था कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश से पहले फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद एविएशन सिक्योरिटी रेग्युलेटर (DGCA) ने 12 जुलाई 2025 को एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। 21 जुलाई को रिपोर्ट मांगी थी। एअर इंडिया ने अपने बोइंग 787 और 737 प्लेन के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) के लॉकिंग सिस्टम की जांच की थी। बताया था कि इसमें कोई समस्या नहीं थी। बोइंग 787, एअर इंडिया के बेड़े का हिस्सा है। B 737 का संचालन इसकी कम लागत वाली सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस करती है। इनके अलावा इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा के पास भी बोइंग हैं। …………………….. फ्लाइट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. वाराणसी में इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की धमकी: पेपर पर लिखा- कभी भी फट जाएगा 1 फरवरी को वाराणसी में इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। विमान के टॉयलेट में एक पेपर पर लिखा था- ‘विमान में बम है, कभी भी फट सकता है’। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट को हार्ट अलर्ट कर दिया गया था। तुरंत रनवे और डिपार्चर एरिया खाली कराया गया। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
