राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने पहला बिल साइन किया:अवैध अप्रवासियों को ग्वांतानामो बे भेजेंगे, ये दुनिया की सबसे खतरनाक जेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले कानून लैकेन रिले एक्ट पर साइन किए। यह कानून फेडरल अधिकारियों को उन अवैध अप्रवासियों को हिरासत में लेकर डिपोर्ट करने का अधिकार देता है, जो किसी क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी सरकार अपराधी अवैध अप्रवासियों को क्यूबा के पास ग्वांतानामो-बे जेल भेजने का प्लान बना रही है। इसे दुनिया की सबसे खतरनाक जेल माना जाता है। यहां 30 हजार बेड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। बिल पास होने पर व्हाइट हाउस ने कहा- यह एक ऐतिहासिक कानून है, जिसे हम आज लागू कर रहे हैं। यह निर्दोष अमेरिकियों की जान बचाएगा। 22 साल की स्टूडेंट के नाम पर रखा गया एक्ट का नाम इस एक्ट नाम जॉर्जिया के 22 साल की नर्सिंग स्टूडेंट रिले के नाम पर रखा गया है। पिछले साल वेनेजुएला के एक नागरिक ने उसकी हत्या कर दी थी। ट्रम्प ने जिस समय एक्ट पर साइन किया, तब रिले के माता-पिता और बहन भी वहां मौजूद थीं। इस दौरान ट्रम्प ने कहा- मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि आज जो कुछ हो रहा है वह आपकी बेटी को श्रद्धांजलि है। यह बहुत दुखद है कि हमें ऐसा करना पड़ रहा है। ट्रम्प ने एक बार फिर अवैध अप्रवासियों को रोकने का वादा किया। उन्होंने कहा कि कुछ अवैध अप्रवासी तो ऐसे हैं जो डिपोर्ट करने के बाद शायद उनके देश में नहीं रहेंगे। हम नहीं चाहते हैं कि वे वापस आएं, इसलिए हम उन्हें ग्वांतानामो भेज देंगे। हमारे पास ग्वांतानामो में 30,000 बेड हैं, जहां सबसे खतरनाक विदेशी अपराधियों को रखा जा सकता है। अवैध अप्रवासियों के खिलाफ ट्रम्प ने जारी किया आदेश ट्रम्प ने 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद अवैध अप्रवासियों की एंट्री बैन करने, उन्हें डिपोर्ट करने और जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) को खत्म करने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया है। प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक अमेरिका में दुनिया के सबसे ज्यादा अप्रवासी हैं। दुनिया के कुल 20% अप्रवासी अमेरिका में ही रहते हैं। 2023 तक यहां रहने वाले अप्रवासियों की कुल संख्या 4.78 करोड़ थी। ट्रम्प का मानना है कि दूसरे देशों से लोग अवैध तरीके से अमेरिका में घुसकर अपराध करते हैं। 18 हजार भारतीय भी अवैध प्रवासियों की लिस्ट में
अमेरिका में पिछले महीने अवैध अप्रवासियों से डील करने वाली सरकारी संस्था (ICE) ने करीब 15 लाख लोगों की एक सूची बनाई थी, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। 18 हजार भारतीय इसी सूची का हिस्सा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार वहां अवैध रूप से रह रहे अपने सभी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस लाने के लिए ट्रम्प प्रशासन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों के रहने के मामले में भारत का स्थान बहुत मामूली है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा डेटा के मुताबिक साल 2024 में अवैध प्रवासियों में सिर्फ 3% भारतीय नागरिक थे। मेक्सिको, वेनेजुएला और ग्वाटेमाला जैसे लैटिन अमेरिकी देशों की हिस्सेदारी इसमें सबसे ज्यादा है। ——————————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकन एयरलाइंस के विमान की मिलिट्री हेलिकॉप्टर से टक्कर:प्लेन और चॉपर नदी में गिरे, 18 शव बरामद; प्लेन में 64 लोग सवार थे अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन DC में बुधवार रात को एक यात्री विमान और एक हेलिकॉप्टर टकरा गए। क्रैश के बाद दोनों पोटोमैक नदी में गिर गए। प्लेन में 4 क्रू मेंबर समेत 64 लोग सवार थे। CBS न्यूज के मुताबिक अब तक 18 शव बरामद कर लिए गए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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