राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्यसभा के लिए 4 सदस्यों को नॉमिनेट किया है। इनमें पूर्व सरकारी वकील और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे उज्ज्वल निकम शामिल हैं। निकम, 26/11 के मुंबई हमला समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रहे हैं। इनके अलावा, केरल के वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद सी. सदानंदन मास्टर, भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और इतिहासकार एवं शिक्षाविद मीनाक्षी जैन भी राज्यसभा जाएंगी। ये नियुक्तियां उन सीटों के लिए की गई हैं, जो पहले के नामित सदस्यों के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई थीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत, राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार है। ये सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए चुने जाते हैं। वर्तमान में राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है, जिसमें 233 निर्वाचित और 12 नामांकित सदस्य शामिल हैं। राज्यसभा के लिए नॉमिनेट मेंबर्स के बारे में जानिए… राज्यसभा संसद का उच्च सदन
भारत की संसद में दो सदन होते हैं- लोकसभा और राज्यसभा। राज्यसभा संसद का उच्च सदन होता है। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर 2 साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। संसद को दोनों सदनों का मुख्य काम विधान या कानून बनाना है। इसके लिए पहले विधेयक सदन में पेश किया जाता है। फिर इस पर चर्चा होती है, उसके बाद सभी की सहमति या वोटिंग कराकर इसे पारित कर दिया जाता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून बन जाता है। राज्यसभा के सांसदों का चुनाव कैसे होता है?
राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष तरीके से होता है। इसका मतलब है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं (विधायकों) के चुने हुए सदस्य इन सदस्यों को चुनते हैं। किसी राज्य में राज्यसभा की जितनी सीटें खाली हैं, उन पर राज्य के विधायकों की संख्या के अनुसार वोट डाले जाते हैं। इसके बाद राज्यसभा सदस्य चुने जाते हैं।
