रायपुर रेलवे स्टेशन में एयरपोर्ट की तरह होगी फैसिलिटी:16 एस्केलेटर, 42 लिफ्ट,10 टिकट विंडो की सुविधा, टर्मिनल को हाईटेक बनाने बढ़ी काम की रफ्तार

रायपुर रेलवे स्टेशन की तस्वीर आने वाले दिनों में पूरी तरह बदलने वाली है। 16 एस्केलेटर, 42 लिफ्ट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, 300 किलोवाट का सोलर प्लांट, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, 10 टिकट बुकिंग विंडो, 74 मॉडर्न टॉयलेट्स समेत कई बड़े बदलाव होंगे। एयरपोर्ट की तरह फैसिलिटी होगी। रायपुर रेलवे स्टेशन को 482.88 करोड़ की लागत से हाईटेक बनाया जा रहा है। नए स्टेशन का निर्माण 4 चरणों में किया जाना है। अभी गुढ़ियारी की तरफ कॉलोनी और पुराने भवनों को तोड़कर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। स्टेशन के पीछे का एरिया पहले डेवलप किया रहा है। इसके बाद आगे की तरफ से इसे संवारा जाएगा। फिलहाल तोड़फोड़ के साथ नए निर्माण का काम स्टेशन के पीछे की ही साइड हो रहा है। इसके बाद रेलवे पार्सल कार्यालय और आरक्षण केंद्र को तोड़ेगा। इन दोनों को तोड़कर बी टीआरएस बस टिकट काउंटर के पास अस्थाई भवन बनाकर रेलवे शिफ्ट करेगा। उसके बाद वहां सर्विस बिल्डिंग का निर्माण होगा। इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए क्या-क्या सुविधाएं और क्या-क्या बदलाव होंगे… एयरपोर्ट की तरह होगी फैसिलिटी रेलवे स्टेशन का लुक एयरपोर्ट की तरह तो होगा ही साथ ही फेसिलिटी भी उसी तरह की होगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके तहत वेटिंग हाल, पीने का पानी, एटीएम, इंटरनेट, वॉशरूम, कवर शेड, स्टैंडर्ड साइनेज आदि बनाए जाएंगे। स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप देते हुए ग्रीन स्टेशन का रूप दिया जाएगा, जहां प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन का बेहतर इंतजाम किया जाएगा। स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग के अनुकूल सुविधाएं रहेंगी। स्थानीय कला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के डिजाइन किया जाएगा। रेलवे स्टेशन सिटी के दोनों तरफ जुड़कर सिटी सेंटर की तरह विकसित किए जाएंगे। ट्रेनों की आवाजाही रहेगी जारी रायपुर रेलवे स्टेशन से देशभर के कई बड़े शहरों के लिए ट्रेनें चलती हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों को कैंसिल नहीं किया जाएगा। सभी गाड़ियां अपने तय शेड्यूल के अनुसार चलती रहेंगी। बिलासपुर और दुर्ग स्टेशन भी बनेंगे हाईटेक इस प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि बिलासपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। बिलासपुर स्टेशन 435 करोड़ की लागत से रि-डेवलपमेंट होगा जबकि दुर्ग स्टेशन स्टेशन को 463 करोड़ से अपग्रेड किया जाना है। इन स्टेशनों में भी ग्रीन एनर्जी, बेहतर पार्किंग, वेटिंग एरिया, लिफ्ट-एस्केलेटर और हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम लगाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास क्या इस अपग्रेड से फायदा होगा? स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे भीड़भाड़ कम होगी। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सोलर एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर दिया गया है। लोकल आर्ट और कल्चर को प्रमोट करने के लिए छत्तीसगढ़ी थीम पर आधारित डिजाइन होगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

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