राजनांदगांव धर्मांतरण नेटवर्क…अमेरिका में पढ़ाता था आरोपी डेविड:4 दिनों का ट्रेनिंग कैंप लगा था, विदेशी फंडिंग, ट्रैवल वाउचर से पेमेंट, ‘पॉल’ जैसे कोड मिले

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस ने धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जिला मुख्यालय से मात्र 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत धर्मापुर में संचालित आश्रम में नाबालिग बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। यह आश्रम डेविड चाको संचालित कर रहा था। इसकी 200 घरों में धर्मांतरण की तैयारी थी। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर बड़ी संख्या में चर्च खोलने की साजिश थी। डेविड चाको को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। शुरुआती जांच में विदेशी फंडिंग, संदिग्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल और ‘पॉल’ जैसे कोड नेम से काम करने वाले जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का एक संगठित नेटवर्क होने के संकेत मिले हैं। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी डेविड चाको अमेरिका में पढ़ाने का काम करता था। भारत लौटने के बाद उसे बड़ी रकम मिली थी। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह पैसा किस रास्ते से भारत आया, किन बैंक खातों में जमा हुआ और डॉलर को रुपए में कैसे बदला गया। पुलिस को शक है कि इस पैसे का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में किया गया। आरोपी के कब्जे से कई संदिग्ध पुस्तकें और प्रशिक्षण सामग्री जब्त भी की गई है। जब्त की गई किताबों में इस्तेमाल किए गए खास कोड, अलग-अलग शब्दों और प्रचार के तरीकों की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है, ताकि इनके असली मकसद को समझा जा सके। जांच में यह भी पता चला है कि दिसंबर 2025 में ग्राम पनेका में 4 दिन का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इसमें राज्य के अन्य जिलों से भी उच्च पदस्थ पदाधिकारी शामिल हुए थे। जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को ‘पॉल’ जैसे नाम दिए गए थे। उन्हें भुगतान के लिए ट्रैवल वाउचर का इस्तेमाल किया जाता था। देखिए पहले ये 3 तस्वीरें- जोनल कमांडरों को नोटिस जारी करने की तैयारी पुलिस यह पता लगा रही है कि यह भुगतान ऑनलाइन होता था या नकद, और पैसा कहां से आता था। इसके अलावा पुलिस ने संस्था के मुख्य कार्यालय और उसके काम करने के तरीके की पहचान कर ली गई है। अब पुलिस इस संस्था से जुड़े जोनल कमांडर, जोनल लीडर और अन्य बड़े पदों पर बैठे लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए धर्मांतरण नेटवर्क की पूरी कहानी दरअसल, 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है। आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है। कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसके बाद राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा की टीम एक्टिव हुई। SP और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन की टीम ने छापेमारी की। आश्रम से कांकेर के बच्चों को रेस्क्यू कर CWC (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) को सौंपा गया। इसके बाद CWC ने बच्चों को परिजनों को सौंप दिया है। प्रोजेक्टर लगाकर करते थे ब्रेनवॉश पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान आश्रम से सोलर-आधारित प्रोजेक्टर्स जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। इन प्रोजेक्टर्स का इस्तेमाल विशेष रूप से उन सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता था, जहां बिजली की सुविधा नहीं है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, धर्मांतरण से संबंधित डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन सामग्री, महत्वपूर्ण रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल हैं। डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था। अब जानिए कौन है डेविड चाको पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे कन्वर्जन नेटवर्क को ऑपरेट करने वाला डेविड चाको मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले का रहने वाला है। बीते कई सालों से वह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में रह रहा था और यहीं से उसकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस के मुताबिक डेविड चाको का लाइफ पैटर्न सामान्य स्थानीय व्यक्ति जैसा नहीं था। जानकारी के अनुसार वह 6 महीने भारत और 6 महीने अमेरिका में रहता था, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस को डेविड चाको की कई तस्वीरें और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें वह प्रार्थना सभाओं में पास्टर की भूमिका में नजर आता है। इन तस्वीरों में वह धार्मिक उपदेश देते हुए दिखाई देता है। इसके अलावा डेविड की कुछ तस्वीरें तालाबों और खुले जलस्रोतों में बपतिस्मा (बेप्टिज्म) कराते हुए भी सामने आई हैं, जो उसके सक्रिय धार्मिक प्रचार में शामिल होने की पुष्टि करती है। डेविड चाको सिर्फ प्रचारक नहीं, पूरे नेटवर्क का ऑपरेटर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डेविड चाको कोई नया चेहरा नहीं है। धमतरी और दुर्ग जिलों में भी पहले प्रार्थना सभाओं को लेकर उसके साथ विवाद हो चुके हैं। इन मामलों में स्थानीय स्तर पर आपत्ति और विरोध की स्थिति बनी थी, हालांकि तब कोई बड़ा मामला दर्ज नहीं हो पाया था। अब मौजूदा केस में सामने आए डिजिटल दस्तावेज, नेटवर्किंग मॉडल और फाइनेंशियल रिकॉर्ड के बाद पुलिस डेविड चाको की भूमिका को केवल स्थानीय प्रचारक नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के ऑपरेटर के तौर पर देख रही है। पुलिस का कहना है कि डेविड चाको की विदेश यात्राएं, उसकी डिजिटल गतिविधियां और अलग-अलग जिलों में सक्रियता इस बात की ओर इशारा करती हैं कि वह लंबे समय से एक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से नेटवर्क को खड़ा कर रहा था, जिसकी कड़ियां अब जांच में सामने आ रही है। दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई- SP पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि उनके ट्रेनिंग मॉड्यूल और टॉपिक्स के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। कई विषय संदिग्ध पाए गए हैं। पुलिस के पास ट्रेनिंग का शेड्यूल भी है और इसी संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही कुछ ट्रैवल वाउचर और एकमोडेशन के प्लान के बारे में भी जांच हो रही है। इसमें पैसा कैसे आता था और कैसे बांटा जाता था, इस पर भी पूछताछ जारी है। ………………………. यह खबर भी पढ़ें… 200 घरों में धर्मांतरण और चर्च खोलने की थी तैयारी: राजनांदगांव से ऑपरेट हो रहा था रैकेट, बच्चे-बच्चियों को आश्रम में रखा, विदेशी-फंडिंग का शक छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम को ठिकाना बनाया था। यहीं से डिजिटल तरीके से नेटवर्क चलता था। आश्रम में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को भी रखा गया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

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