छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) खेलो इंडिया बास्केटबॉल एकेडमी की चार महिला खिलाड़ियों को जूनियर भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम के चयन ट्रायल के लिए आमंत्रित किया गया है। इन खिलाड़ियों में रेवाडिह वार्ड की निवासी अंजलि कोडापे के साथ एकेडमी की रेवा कुलकर्णी, रूमी कोनवर और श्वेता सिंह शामिल हैं। इनका चयन लुधियाना में आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। भारतीय बास्केटबॉल संघ ने इन खिलाड़ियों को 10 से 12 अप्रैल तक चेन्नई में होने वाले चयन ट्रायल के लिए बुलाया है। चयनित खिलाड़ी फीबा एशिया कप (SABA क्वालिफायर्स) में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके बाद, वे 13 अप्रैल से 4 मई तक चेन्नई में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भी हिस्सा लेंगी। अंजलि कोडापे की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि के पिता ड्राइवर हैं और उनकी माता घरों में काम करती हैं। अंजलि छह बहनों में सबसे बड़ी हैं। अंजलि की तीन अन्य बहनें भी बास्केटबॉल खेलती हैं। अंजलि और उनकी बहन अदिति कोडापे ने सिंगापुर में आयोजित NBA राइजिंग स्टार इन्विटेशनल टूर्नामेंट में भी भाग लिया है। उनकी बहनें अदिति और पावनी ने नेशनल लेवल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। छत्तीसगढ़ की वनांचल क्षेत्रों से प्रतिभाओं को निखारने का श्रेय अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव और कालवा राधा राव को जाता है। उन्होंने रेवाडिह जैसे क्षेत्रों में बास्केटबॉल कोर्ट बनवाकर बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कई खिलाड़ी आज राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं और सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं। अंजलि और उनकी बहनों की इस उपलब्धि का पूरा श्रेय कोच कालवा राजेश्वर राव और राधा राव को दिया जाता है। साथ ही शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेवाडिह की शिक्षिका संजू मिश्रा और प्रधान पाठक अनुपराम कंवर का प्रोत्साहन भी सराहनीय रहा है। प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में: रेवा कुलकर्णी: एशियन बास्केटबॉल प्रतियोगिता (डिवीजन II) में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय युवा टीम की कप्तान रह चुकी हैं।
अंजलि, रूमी और श्वेता: जूनियर नेशनल में शानदार खेल के दम पर भारतीय ट्रायल में जगह बनाई।
शिक्षा और समर्थन: अंजलि और उनकी बहनों की प्रतिभा को देखते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने उन्हें प्रवेश देकर उनके खेल और शिक्षा को नई ऊंचाई दी है।
