मराठी एकता पर उद्धव-राज ठाकरे की रैली कुछ देर में:20 साल बाद एक मंच पर दिखेंगे, NCP-कांग्रेस शामिल नहीं होगी

महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर जारी विवाद के बीच उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ‘मराठी एकता’ पर कुछ देर में वर्ली डोम में रैली करेंगे। इसे ‘विजय रैली’ नाम दिया गया है। इसमें कांग्रेस और एनसीपी शामिल नहीं होगी। यह रैली किसी भी झंडे या पार्टी के बैनर तले नहीं की जा रही है। कहा गया है कि ‘मराठी एकता’ के लिए सभी दल साथ आ सकते हैं। उधर, करीब 20 साल बाद उद्धव- राज ठाकरे एक मंच पर नजर आएंगे। आखिरी बार 2006 में बाला साहेब ठाकरे की रैली में साथ दिखे थे। उद्धव को शिवसेना का मुखिया बनाने के बाद राज ने अलग पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) बनाई थी। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने इस साल 16 और 17 अप्रैल को हिंदी अनिवार्य करने से जुड़े दो आदेश दिए थे। इसके विरोध में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 5 जुलाई को संयुक्त रैली का ऐलान किया था। बाद में 29 जून को सरकार ने दोनों आदेश रद्द कर दिए। इस पर उद्धव दावा किया कि विपक्षी पार्टियों के विरोध की वजह से सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा। उन्होंने 5 जुलाई की विरोध रैली को भी विजय रैली के रूप में करने की बात कही थी। जानिए, महाराष्ट्र में भाषा विवाद क्या है… ‘विजय रैली’ से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

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