मणिपुर में भाजपा विधायकों ने सरकार बनाने का दावा किया:राज्यपाल के पास 10 MLA पहुंचे, 44 के समर्थन का दावा; यहां अभी राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में 10 विधायकों ने बुधवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। इनमें 8 भाजपा, NPP और निर्दलीय के एक-एक विधायक हैं। इन्होंने दावा किया है इनके पास 44 विधायकों का समर्थन है। मणिपुर में 60 विधानसभा सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 31 है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद भाजपा विधायक थोकचोम राधेश्याम ने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर 44 विधायक मणिपुर में सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। वहीं, निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह ने कहा- हमने राज्यपाल को एक पेपर दिया है, जिस पर 22 विधायकों ने साइन किए हैं। मणिपुर में सभी NDA विधायक सरकार बनाना चाहते हैं। बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को दिया इस्तीफा, उसके बाद राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। 9 फरवरी को भाजपा सरकार का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। बीरेन सिंह पर राज्य में डेढ़ साल से ज्यादा समय तक चली हिंसा न रोक पाने के चलते काफी दबाव था। मणिपुर में कुकी-मैतेई के बीच 3 मई, 2023 से अब तक हिंसा हो रही है। इन दो सालों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 1500 से ज्यादा घायल हुए। 70 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हैं। 6 हजार से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं। विपक्षी पार्टियां हिंसा के मुद्दे पर लगातार NDA से सवाल पूछ रही थीं। अभी मणिपुर में 37 भाजपा विधायक, बहुमत से 6 ज्यादा
60 सीटों वाले मणिपुर विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से 6 ज्यादा। इन 37 विधायकों में 27 मैतेई, 6 कुकी, 3 नगा और 1 मुस्लिम हैं। NDA के कुल 42 विधायक हैं। इसमें नेशनल पीपल्स फ्रंट (NPF) के भी 5 विधायक शामिल हैं। राज्य में कांग्रेस के 5 विधायक हैं। राहुल ने कहा था- PM को तुरंत मणिपुर जाना चाहिए
9 फरवरी को एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि हिंसा, जान-माल के नुकसान के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी ने एन बीरेन सिंह को पद पर बनाए रखा, लेकिन अब लोगों की तरफ से बढ़ते दबाव, सुप्रीम कोर्ट की जांच और कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव की वजह से एन बीरेन सिंह इस्तीफा देने को मजबूर हो गए। X पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस वक्त सबसे जरूरी बात यह है कि राज्य में शांति बहाल की जाए और मणिपुर के लोगों के घावों को भरने का काम किया जाए। पीएम मोदी को तुरंत मणिपुर जाना चाहिए, वहां के लोगों की बात सुननी चाहिए और यह बताना चाहिए कि वे हालात सामान्य करने के लिए क्या योजना बना रहे हैं। …………………………………………….. मणिपुर की ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा के 2 साल: महिलाओं की सरेआम न्यूड परेड, डेविड का सिर काटकर लटकाया मणिपुर में जातीय लड़ाई में रेप और मर्डर के कई मामले सामने आए। 19 जुलाई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें लड़कों की भीड़ ने गाड़ी में से एक लड़की को उतारकर इधर-उधर छूने लगी। उन्होंने कहा- जिंदा रहना है, तो कपड़े उतारो। वीडियो में लड़की के साथ दो महिलाएं भी थीं। मैतेई युवकों की भीड़ ने सड़क पर इनकी न्यूड परेड कराई। पूरी खबर पढ़ें… सरकारी बस से मणिपुर नाम हटाने पर विवाद बढ़ा, राज्यपाल को हेलिकॉप्टर से राजभवन पहुंचाया गया मणिपुर में सरकारी बस से राज्य का नाम हटाने को लेकर 26 मई को छात्रों और महिलाओं ने इम्फाल एयरपोर्ट से लेकर केसम्पात तक 6km लंबी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया। यह जगह राजभवन से सिर्फ 200 मीटर दूर है। इसी दौरान दिल्ली गए राज्यपाल अजय कुमार भल्ला दोपहर में इम्फाल पहुंचे। विरोध-प्रदर्शन के चलते राज्यपाल को सेना के हेलिकॉप्टर से राजभवन पहुंचाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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