यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। कहने लगे कि जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? इस पर विधायक के समर्थकों और सीओ सदर और कोतवाल से झड़प हो गई। स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक से कहा- मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मंत्री स्वतंत्र देव नाराज ग्राम प्रधानों को धक्का देते हुए आगे बढ़े। इस दौरान लोग कहते रहे कि ‘नेता गिरी नहीं चलेगी’। स्वतंत्र देव अपनी गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी के अंदर भी विधायक और मंत्री के बीच बहस हुई। लोग नारेबाजी करते रहे। इस मुद्दे पर सपा प्रमुख ने तंज कसा है। उन्होंने कहा- भाजपा के ही विधायक द्वारा, अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारने वाले हैं। घटना से जुड़ी 4 फोटो देखिए… मंत्री और विधायक के बीच क्या बात हुई.… मंत्री: जहां कहीं शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। अपने कार्यक्रम छोड़कर चलता हूं। चलो… विधायक: एक मिनट-एक मिनट…40 से 50 गांव हैं। मंत्री: मैं 40 गांवों में चलूंगा। मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा। मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा। अफसरों की लापरवाही होगी, तो सस्पेंड कर दूंगा। विधायक: भाई साहब सड़कें खुदी पड़ी हैं। रास्ते खुदे पड़े हैं। भाई साहब… मंत्री: सड़कें खुदी रहेंगी, तब भी मैं अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मैं गांवों में चलने को तैयार हूं, चलो न मेरे साथ… मंत्री से विधायक बोले- अफसर हमारी सुनते नहीं
मंत्री ने विधायक को अपनी गाड़ी में बिठाया। विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। विधायक ने मंत्री से साफ कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं है। SDM-CO और इंस्पेक्टर से तीखी झड़प, धक्का-मुक्की
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सुरक्षा में तैनात पुलिस अफसरों से भाजपा विधायक के समर्थकों की झड़प हुई। SDM और CO लोगों को समझाते रहे, लेकिन वे मंत्री का काफिला आगे बढ़ने नहीं दे रहे थे। तब स्वतंत्र देव सिंह ने मोर्चा संभाला। पुलिसवालों को समझाया। अफसर और समर्थक उलझते दिखाई दिए। उनकी जिद सिर्फ एक थी पूरी समस्या मंत्री के सामने रखेंगे। विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को लेकर खुद डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम गजल भारद्वाज के साथ मंत्री ने विधायक और प्रधानों की बैठक कराई। डीएम ने 20 दिन में सारी खुदी हुई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद प्रधान और विधायक माने। विधायक की चेतावनी- जिसे रोकने की जरूरत पड़ेगी, उसे रोकेंगे
बैठक के बाद विधायक ने कहा- मंत्री ने अफसरों को 20 दिन में समस्याएं दूर करने का समय दिया है। अब 20 दिन में देख लेंगे कि अफसर मंत्री की बातों को कितना मानते हैं। आने वाले दिनों में जिसे रोकने की जरूरत पड़ी, उसे रोकेंगे। मुझे चाहे जो लड़ाई लड़नी पड़े, मैं पीछे नहीं हटू्ंगा। मंत्री-विधायक के टकराव पर अखिलेश यादव ने X पर लिखा- हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने कहा- वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है, दरअसल ये तो केवल सैम्पल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। पल-पल की अपडेट्स के नीचे ब्लॉक पढ़िए…
