भारत बोला- परमाणु हथियार लहराना पाकिस्तान की आदत:हमें सुरक्षा करना आता है; आसिम मुनीर ने कहा था- सिंधु पर बांध बना तो मिसाइल मारेंगे

भारत ने सोमवार को पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर की परमाणु धमकी का जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा- परमाणु हथियार लहराना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। हमें अपनी सुरक्षा करना आता है। किसी मित्र देश की धरती से की गई ये टिप्पणी खेदजनक है। दुनिया देख सकती है कि ऐसे बयान कितने गैरजिम्मेदाराना हैं। ये बातें उस देश पर भी शक पैदा करती हैं, जहां परमाणु हथियारों का सुरक्षित होना तय नहीं है और सेना का आतंकियों से संबंध माना जाता है। मुनीर बोले- हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं दरअसल, मुनीर इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि हम भारत में सिंधु नदी पर डैम बनने का इंतजार करेंगे, और भारत जब ऐसा कर लेगा तो फिर 10 मिसाइल मारकर उसे गिरा देंगे। मुनीर ने कहा कि सिंधु नदी भारत की फैमिली प्रोपर्टी नहीं है, हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है। आसिम मुनीर ने कहा था, ‘भारत के सिंधु जल समझौता रद्द करने के फैसले से 25 करोड़ लोगों के लिए भुखमरी का खतरा पैदा हो सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘हम एक परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं और अगर हमें लगता है कि हम डूब रहे हैं, तो हम आधी दुनिया को अपने साथ ले जाएंगे।’ दो महीने में दूसरी अमेरिका यात्रा आसिम मुनीर ने ये धमकी, टाम्पा के ग्रैंड हयात होटल में पाकिस्तान मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गये एक डिनर कार्यक्रम में दी है, जिसमें करीब 120 पाकिस्तानी डायस्पोरा के सदस्य मौजूद थे। फील्ड मार्शल मुनीर अमेरिका की मध्य कमान (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह में शामिल होने फ्लोरिडा आए थे। इस समारोह में इजराइल के रक्षा बलों का एक प्रतिनिधि भी मौजूद था। यह दो महीने में उनकी अमेरिका की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वे 14 जून को वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल हुए थे। इसके अलावा मुनीर ने राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में दो घंटे की लंच मीटिंग की थी। यह बैठक बंद कमरे में हुई थी। यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ की मेजबानी की। ट्रम्प को नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया मुनीर ने भारत-अमेरिका के बीच हाल के टैरिफ तनाव पर मजाक उड़ाते हुए कहा कि पाकिस्तान को विश्व शक्तियों के बीच संतुलन बनाने की मास्टर-क्लास देनी चाहिए। मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया, क्योंकि हम अच्छे काम की तारीफ करते हैं। पाकिस्तान सरकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 2026 के नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया था। पाकिस्तान का कहना है कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ट्रम्प की कूटनीतिक पहल और मध्यस्थता ने एक बड़े युद्ध को टालने में मदद की। पाकिस्तानी सरकार ने अपने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा था कि ट्रम्प ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद दोनों से बात कर संघर्षविराम में अहम भूमिका निभाई। इससे दो न्यूक्लियर ताकत वाले देशों के बीच युद्ध की आशंका टल गई। भारत-पाकिस्तान के बीच का सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। भारत ने इस समझौते को रद्द किया भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के दूसरे दिन 24 अप्रैल को पाकिस्तान के साथ 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता रोक दिया था। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। ————————————— मुनीर ने फिर कश्मीर को गले की नस बताया: PAK आर्मी चीफ डेढ़ महीने में दूसरी बार अमेरिका पहुंचे, कहा- कश्मीर एक अधूरा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा अमेरिका दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर से कश्मीर को पाकिस्तान के ‘गले की नस’ बताया है। इससे पहले अप्रैल में भी मुनीर ने ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने कहा था- कश्मीर हमारी गले की नस था, है और रहेगा। हम इसे कभी नहीं भूलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

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