ब्रिटिश किंग चार्ल्स ने भाई को महल से बेदखल किया:राजकुमार का खिताब भी छीना, नाबालिग से रेप का आरोप लगा था

ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई एंड्रयू से उनका राजकुमार का खिताब छीन लिया है और उन्हें उनके विंडसर स्थित घर से बाहर निकाल दिया है। बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि वे शाही परिवार को जेफ्री एपस्टीन कांड से उनके (एंड्रयू के) संबंधों के कारण उनसे दूरी बनाना चाहते हैं। एंड्रयू लंबे समय से जेफ्री एपस्टीन नामक अमेरिकी अपराधी से जुड़े रहे, जिन पर नाबालिगों के साथ यौन शोषण का आरोप था। पीड़िता वर्जिनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब प्रिंस एंड्रू ने उनका यौन शोषण किया था। प्रिंस एंड्रयू का नाम भी बदल दिया गया 65 साल एंड्रयू दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्हें ड्यूक ऑफ यॉर्क का खिताब इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था। बकिंघम पैलेस ने बताया कि शाही उपाधियां छिन जाने के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाएगा। अभी तक प्रिंस एंड्यू को ‘प्रिंस एंड्रूय ड्यूक ऑफ आर्क’ नाम से जाना जाता था। माउंटबेटन-विंडसर नाम 1960 में बनाया गया था। यह नाम ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और उनके पति प्रिंस फिलिप दोनों के पारिवारिक नामों को मिलाकर बना है। प्रिंस पर आरोप लगाने वाली वर्जीनिया की 6 महीने पहले मौत प्रिंस एंड्रयू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे की अप्रैल में मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने आत्महत्या की। वर्जीनिया (41 साल) ने साल 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। वर्जीनिया ने अपने साथ हुए यौन शोषण और तस्करी का खुलासा किया था। उसने कहा था कि जब वह सिर्फ 15 साल की थी, तभी एपस्टीन के नेटवर्क में फंस गई थीं। उसे कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इसी इंटरव्यू में वर्जीनिया ने ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया था। वर्जीनिया कई साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रही थीं और यौन उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं की वकील बन गई थीं। 2021 में प्रिंस एंड्रूय के खिलाफ केस दायर किया एंड्रूय ब्रिटिश नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने अस्सी के दशक में अर्जेंटीना के साथ हुई जंग में अपनी सेवाएं दी थीं। लेकिन वर्जीनिया के साथ नाम आने के बाद उनकी बहुत बदनामी हुई। 2019 में उन्होंने सभी शाही कर्तव्यों को छोड़ दिया था। इसके बाद वर्जीनिया ने साल 2021 में ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया था। गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि जब वो 17 साल की थीं, तब जेफ्री एपस्टीन उन्हें एंड्रयू के पास ले गए थे और प्रिंस ने उनका यौन शोषण किया था। इसके बाद फिर विवाद बढ़ा तो एंड्रूय से उनसे उनके सैन्य संपर्क और शाही संरक्षण भी छीन लिए गए थे। लेखिका की आत्मकथा पब्लिश होने के बाद फिर विवाद बढ़ा पिछले महीने 21 अक्टूबर को वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण ‘नो बॉडीज गर्ल’ पब्लिश हुई, जिससे एक बार फिर से यह विवाद बढ़ गया। इस किताब को वर्जिनिया ने अपनी मौत से पहले ही पूरा कर लिया था। इसमें उसने अपने साथ हुए शोषण और न्याय के लिए लड़ाई की कहानी बताई है। वर्जिनिया की किताब में एंड्रयू से जुड़े बड़े दावे

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