बेटे ने मां-चाची को 10 रुपए के सिक्कों से तौला:20 साल बाद पूरी की मन्नत; जगदलपुर में 1 लाख 55 हजार रुपए भांजों में बांटे

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक बेटे ने अपनी मां और चाची को 10 रुपए के सिक्कों से तौल दिया। 10-10 रुपए के सिक्कों की कुल रकम 1 लाख 55 हजार 800 रुपए निकली। 20 साल बाद एक मन्नत के रूप में ये काम किया गया है। इस दौरान मां के आंसू छलक पड़े। दरअसल, जगदलपुर में शांति नगर के रहने वाले विपिन शुक्ला (53 साल) चाट का बिजनेस करते हैं। जगदलपुर के गोल बाजार के पास इनकी चाट की दुकान है। विपिन ने कहा कि, 20 साल पहले आर्थिक स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं थी। पैसों के लिए काफी परेशान हुआ करता था। नया बिजनेस शुरू किया और मन्नत मांगी थी। अब जब मेरी मन्नत हुई तो घर में पूजा रखी। घर में रखी पूजा, रिश्तेदारों को भी बुलाया विपिन ने रिश्तेदारों को बुलाया और एक बड़ा सा तराजू रखा। इसमें उन्होंने अपनी मां और चाची को 10 के सिक्कों से तौला। इसके लिए कुल 1 लाख 55 हजार 800 रुपए लगे। विपिन ने बताया कि, उनके पिता और चाचा दोनों नहीं हैं। मां के साथ चाची ने भी बहुत कुछ किया है। इन्हीं के आशीर्वाद से मेरा सब कुछ ठीक रहा। इसलिए मैंने मन्नत पूरी की। भांजों में बांट दी पूरी रकम डेढ़ लाख से ज्यादा की रकम वाले 10 के सिक्कों का कुल वजन 150 किलो से ज्यादा था। हालांकि विपिन की माताजी का वजन 65 और चाची का वजन 54 किलो ही था। फिर भी विपिन ने बराबर से भी ज्यादा सिक्कों में उन्हें तौला। विपिन ने बताया कि, उनके कुल 7 भांजे (बहन के बच्चे) हैं। अब इन पैसों को अपने 7 भांजों को बराबर बांट दूंगा। मां बोलीं- किस्मत वाली हूं विपिन की मां सत्यवती शुक्ला (81 साल) ने कहा कि, मैं किस्मत वाली हूं। आज कलयुग में बच्चे अपने बूढ़े मां-बाप को वृद्धाश्रम छोड़ जाते हैं। मेरा बेटा मेरी सेवा करता है। वहीं चाची शारदा शुक्ला ने भी कहा कि, ये पहला भतीजा होगा जिसने इस चाची के लिए भी सोचा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… बालाघाट में बेटे ने बनवाया माता-पिता का मंदिर: मंदिर में पिता और दो मां की प्रतिमाएं स्थापित कराई, गांव के बुजुर्गों का सम्मान किया बालाघाट के किरनापुर में एक बेटे ने माता-पिता के प्रति अपनी कृतज्ञता का अनूठा उदाहरण पेश किया है। मंगल प्रसाद रैकवार ने अपने माता-पिता की याद में एक मंदिर का निर्माण करवाया है। शांतिनगर में स्थित इस मंदिर में मंगल प्रसाद ने अपने पिता स्व. रामरतन रैकवार, बड़ी माताश्री स्व. शुभांती रैकवार और छोटी माताश्री पार्वती रैकवार की प्रतिमाएं स्थापित की हैं। पढ़ें पूरी खबर

More From Author

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 3 आतंकी ढेर:सुरक्षाबलों का सर्चिंग ऑपरेशन जारी, अखनूर में भी एनकाउंटर शुरू हुआ

धमतरी के इतवारी बाजार में व्यापारियों का विरोध:रोजाना 5 हजार की सब्जी बर्बाद, सुविधाओं की कमी और असामाजिक तत्वों से परेशान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *