बिलासपुर में एक ही ट्रैक पर फिर आई 3 ट्रेनें:यात्री ट्रेन के आगे-पीछे खड़ी हो गईं दो मालगाड़ियां; कोरबा मेमू से नीचे उतरे लोग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो दिन पहले कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी की टक्कर में 11 लोगों की मौत हो गई। अब गुरुवार को दोबारा एक ही ट्रैक पर 3 ट्रेनें दौड़ने लगी। कोरबा मेमू लोकल ट्रेन के आगे और पीछे दो मालगाड़ी खड़ी हो गईं। अचानक ट्रेनों को रोक दिया गया। जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, यात्रियों में अफरा-तफरी जरूर मच गई। जानकारी के मुताबिक, कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच की यह घटना है। अचानक तीनों ट्रेनों के एक ही ट्रैक पर आने की जानकारी मिलने पर यात्रियों में सहम गए। कई यात्री सुरक्षा की वजह से ट्रेन से नीचे उतर आए। रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। ट्रैक पर बाकी ट्रेनों की आवाजाही को रोक दी गई है। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… रेलवे ने बताया रूटीन प्रक्रिया वहीं, रेलवे इस घटना को सामान्य और रूटीन बता रहा है। अफसरों का कहना है कि ऑटो सिग्नल प्रणाली में इस तरह से एक रूट पर एक से अधिक गाड़ियां चल सकती है। लेकिन, लालखदान के पास हुए हादसे के बाद यात्री दहशत में आ गए। आगे पीछे से मालगाड़ी देखकर यात्री ट्रेन से उतर गए। दो दिन पहले हुए हादसे में 11 की मौत, 20 घायल 4 नवंबर को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के लालखदान-गतौरा के बीच गेवरा रोड मेमू लोकल ट्रेन (68733) ने सामने खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी थी। जिसके चलते मेमू ट्रेन का मोटर कोच मालगाड़ी के एक वैगन के ऊपर चढ़ गया। इस हादसे में 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं। 50 KM प्रति घंटे की स्पीड में थी ट्रेन SECR के पांच विभागों के अधिकारियों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि, ट्रेन गतौरा स्टेशन से रवाना होने के बाद 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इससे पहले के स्टेशनों में यह ट्रेन 76 किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड पर थी। आशंका जताई जा रही है कि सामने मालगाड़ी देखकर लोको पायलट ने एमरजेंसी ब्रेक भी लगाई। लेकिन, तब तक सामने मालगाड़ी आ चुकी थी। कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) जांच में ऑपरेशन, सिग्नल, ट्रैफिक, लोको और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी शामिल हैं। अपोलो में भर्ती असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज से अस्पताल में ही बयान लिया जाएगा। वहीं इस मामले में तोरवा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देखिए हादसे की कुछ तस्वीरें… सिग्नल जंप के चलते हादसा अफसरों की जांच में पता चला है कि, मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया। जिसके चलते यहहादसा हुआ। इसके लिए मेमू ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को सही समय पर ट्रेन को नियंत्रित नहीं कर पाने का जिम्मेदार माना गया है। बता दें कि लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो चुकी है। महिला सहायक लोको पायलट रश्मि राज इस हादसे में घायल हैं। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड का बयान अहम इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी मालगाड़ी का गार्ड शैलेश चंद्र बुरी तरह से घायल हैं। वहीं, असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज की हालत भी गंभीर है। हादसे की जांच में इन दोनों चश्मदीदों का बयान अहम है। वो दोनों बता सकते हैं कि हादसा क्यों और कैसे हुआ। रेलवे ने देर रात तक मृतकों के परिजनों को रेलवे ने बांटे चेक ट्रेन हादसे में मृतकों और घायलों को रेलवे ने तात्कालिक मुआवजा 50-50 हजार की राशि दी है। बुधवार सुबह से रेलवे ने परिजनों से पूछताछ के बाद नॉमिनी, पहचान की तस्दीक कर चेक तैयार किए थे। दुर्घटना सहायता केंद्र से देर रात तक 9.50 लाख रुपए का चेक सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह और कमर्शियल मैनेजर एस भारतीयन ने परिजनों को दिए। देर रात तक परिजनों के इंतजार में रेलवे अधिकारी सहायता केंद्र में ही बैठे रहे। इधर, राज्य शासन से दिए जाने वाले सहायता राशि के चेक भी तैयार हैं। आज से मृतकों और घायलों के परिजनों को चेक दिए जाएंगे। …………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. बोगी से रिस-रिसकर गिर रहा था यात्रियों का खून:प्रत्यक्षदर्शी बोले-ट्रेन के अंदर तड़पते-कराहते देखा, लहूलुहान थे बच्चे-महिलाएं, पढ़िए अपनों को तलाशते लोगों की पीड़ा “शाम 4 बजे का वक्त था। सूरज ढलने को था। एक जोरदार धड़ाम की आवाज आई। डिब्बे में चीखें गूंज रही थी। बोगी के अंदर खून से सने बच्चे थे, माताएं तड़प रहीं थीं। किसी के पेट से खून बह रहा था, किसी का सिर फट गया था, किसी का पैर, तो किसी का हाथ टूट चुका था। किसी का चेहरा पिचक गया था। बोगी से खून रिस-रिसकर गिर रहा था।” पढ़ें पूरी खबर

More From Author

सोना ₹319 गिरकर ₹1.20 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ:चांदी ₹1,208 बढ़कर ₹1.47 लाख किलो बिक रही, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

पतंजलि ने दूसरे ब्रांड के च्यवनप्राश को धोखा कहा:डाबर की शिकायत पर दिल्ली हाईकोर्ट बोला- फ्रॉड की जगह लो क्वालिटी कह लो, क्या दिक्कत है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *