पीषूय गोयल बोले– चाइनीज स्टार्टअप रोबोट बना रहे:हमारे दुकानदारी कर रहे; जेप्टो को-फाउंडर का जवाब- आलोचना आसान, हमने 1.5 लाख को रोजगार दिया

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भारतीय स्टार्टअप्स को लेकर दिए गए बयान के जवाब में जेप्टो (Zepto) के को-फाउंडर आदित पलिचा ने कहा कि, इंटरनेट स्टार्टअप को क्रिटिसाइज करना आसान है। जेप्टो ने 1.5 लाख लोगों को रोजगार दिया है और इस क्षेत्र को सिर्फ डिलिवरी ऐप्स से जोड़ना उचित नहीं। आदित ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जेप्टो नाम की कंपनी 3.5 साल पहले अस्तित्व में नहीं थी, वह हर साल ₹1,000 करोड़ से ज्यादा टैक्स सरकार को दे रही है। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे स्टार्टअप महाकुंभ में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स की आलोचना की थी। गोयल ने इनोवेशन की कमी और डिलिवरी-बेस्ड बिजनेस मॉडल्स पर सवाल उठाए और चीन के साथ तुलना करते हुए कहा था कि, क्या हम सिर्फ दुकानदारी करेंगे? इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने दैनिक भास्कर से बातचीच में इसका सारा ठिकरा कांग्रेस पर फोड़ दिया। पीयूष गोयल बोले- कांग्रेस और उनके इको-सिस्टम वालों को कठिनाई हो रही
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भास्कर से कहा कि, मेरी स्टार्टअप वाली बात को लेकर कोई बयान सामने नहीं आए हैं। सिर्फ कांग्रेस और उनके इको-सिस्टम वालों को बड़ी कठिनाई हो रही है कि हमारे युवा और युवती इनते उत्साह के साथ स्टार्टअप्स से जुड़ रहे हैं। मैं समझता हूं कांग्रेस को हमारे देश की सफलता, हमारे युवा और युवती की सफलता को देखकर तकलीफ होती है, इसीलिए उनको पचता नहीं है। हमारा संदेश हैं कि अब भारत स्टार्टअप में अच्छी तरक्की कर ली है और अब हमें बड़ी छलांग लेनी है। नई ऊंचाईयों तक जाना है। आदित का सवाल- अगर ये इनोवेशन नहीं, तो फिर क्या है?
जेप्टो को-फाउंडर ने पोस्ट में कहा, ‘अगर ये सब भारतीय नवाचार का चमत्कार नहीं है, तो फिर क्या है? जेप्टो ने अब तक भारत में अरबों डॉलर का विदेशी निवेश खींचा है और देश की सप्लाई चेन, खासकर फल-सब्जियों की आपूर्ति व्यवस्था को संगठित करने में सैकड़ों करोड़ रुपए लगाए हैं। AI में पिछड़ने की असली वजह क्या है?
आदित ने कहा कि भारत में आज भी कोई बड़ा फाउंडेशनल AI मॉडल क्यों नहीं है? क्योंकि, हमने अभी तक वैश्विक स्तर की इंटरनेट कंपनियां खड़ी नहीं कीं। जैसे अमेजन, गूगल और अलीबाबा ने पहले कंज्यूमर इंटरनेट से शुरुआत की और बाद में AI में महारत हासिल की, वैसी कोशिश भारत में भी होनी चाहिए। पलिचा ने सरकार, निवेशकों और पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम से अपील की कि जो लोग कुछ बड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें प्रोत्साहन मिले, न कि हतोत्साहित किया जाए। पीयूष गोयल का बयान… स्टार्टअप महाकुंभ में 03 अप्रैल 2025 को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, ‘देश में कई स्टार्टअप फूड डिलीवरी और बेटिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि चीन में स्टार्टअप ईवी, बैटरी टेक्नीक, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और डीप टेक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं।’ पीयूष गोयल के बयान के बाद लोगों के रिएक्शन… अनुपम मित्तल
Shaadi.com के फाउंडर और शार्क टैंक के शार्क अनुपम मित्तल ने भी X पर पोस्ट कर सरकार से मिलने वाले सहयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, ‘AI, स्पेसटेक, मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में भारतीय आंत्रप्रेन्योर्स तैयार हैं। लेकिन, पूंजी और मदद की भारी कमी है। संस्थापक सब कुछ अकेले नहीं कर सकते।’ X यूजर्स दीपशिखा ने दिखाई 48 स्टार्टअप्स की लिस्ट
मित्तल की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए एक X यूजर दीपशिखा ने 48 एडवांस टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट शेयर की। दीपशिखा ने कहा, ‘फंडिंग और सरकार की सहयोग में कमी है। शायद, मंत्रियों को भी इसका पता नहीं है।’

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