नोएल टाटा ने मेहली मिस्त्री का रिअपॉइंटमेंट रोका:आज खत्म हो रहा था 3 साल लंबा कार्यकाल; रतन टाटा के करीबी थे मेहली मिस्त्री

रतन टाटा के करीबी रहे मेहली मिस्री को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड से बाहर कर दिया गया है। 6 में से तीन ट्रस्ट्रीज ने री-अपॉइंटमेंट के खिलाफ वोट डाला है। डेरियस खंबाटा, प्रमित झावेरी और जहांगीर एचसी जहांगीर ने सहमति में वोट डाला,लेकिन नोएल टाटा समेत 3 ने उनके री-अपॉइंटमेंट के खिलाफ वोट डाला है। ये 3-3 टाई बना, लेकिन ट्रस्ट्स के रूल्स के मुताबिक ये “टाई” नहीं, बल्कि “नो कंसेंसस” यानी, सहमति न होना है। टाटा ट्रस्ट्स के रूल्स में सभी की सहमति ही जरूरी है। टाटा ट्रस्ट्स में सर रतन टाटा ट्रस्ट समेत कुछ और ट्रस्ट्स है। मिस्त्री 2022 से सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी थे। ये दोनों मुख्य ट्रस्ट्स मिलकर टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 51% हिस्सेदारी रखते हैं। टाटा संस TCS, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी को कंट्रोल करती है। इनके पास वीटो पावर भी है। साथ ही टाटा संस के बोर्ड में एक-तिहाई सदस्यों को नॉमिनेट करने का हक है। विजय सिंह को टाटा संस के बोर्ड से हटाने से शुरू हुआ विवाद श्रीनिवासन की बहाली को मिस्त्री ने शर्त के साथ मंजूरी दी थी मिस्त्री ने पिछले हफ्ते श्रीनिवासन की सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी और वाइस चेयरमैन के तौर पर बहाली को शर्त के साथ मंजूरी दी थी। उन्होंने एक ईमेल में कहा था- अगर कोई ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन की बहाली वाला रेजोल्यूशन पास न करे या बाकी ट्रस्टीज के लिए वैसा ही एकमत रेजोल्यूशन न लाए जब उनके टर्म खत्म होंगे, तो मैं श्रीनिवासन की बहाली को अपनी औपचारिक मंजूरी नहीं दूंगा। बोर्ड के फैसले को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं मिस्त्री अब अंदर बहस चल रही है कि क्या मिस्त्री श्रीनिवासन की मंजूरी वापस ले लेंगे या उनकी बहाली को मंजूरी न देने के फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। कुच रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नोएल टाटा, श्रीनिवासन और सिंह ने इस पर लीगल एडवाइस ली है। लेकिन एक ट्रस्टी ने साफ कहा- शर्त वाली मंजूरी कानूनी तौर पर टिक नहीं सकती। कोई भी रेजोल्यूशन पास होने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता। कानूनी रूप से ये सही नहीं है। साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई हैं मेहली मिस्त्री मिस्त्री एम पलॉन्जी ग्रुप के प्रमोटर हैं, जिसमें इंडस्ट्रियल पेंटिंग, शिपिंग, ड्रेजिंग, कार डीलरशिप जैसे बिजनेस हैं। उनकी कंपनी स्टरलिंग मोटर्स टाटा मोटर्स की डीलर है। मिस्त्री शापूरजी मिस्त्री और उनके दिवंगत भाई साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई हैं। शापूरजी पलॉन्जी ग्रुप केक पास टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है।

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