अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी करीब 30 लाख से ज्यादा फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं। इन फाइलों के सामने आते ही कई बड़े और रसूखदार लोगों के छिपे हुए सच बाहर आ रहे हैं। इन्हीं दस्तावेजों में नार्वे के एक डिप्लोमेट टेर्जे रॉड-लार्सन का 25 दिसंबर 2015 का एक ईमेल है। इसमें उन्होंने भारतीयों को सांप से भी बदतर बताया है। दस्तावेजों से पता चला है कि एपस्टीन ने लार्सन को किसी भारतीय नेता का ईमेल फॉरवर्ड किया था। इसके जवाब में लार्सन ने कहा था कि ‘जब आप एक भारतीय और एक सांप से मिलें, तो पहले भारतीय को मार डालो।’ हालांकि ये अभी तक क्लियर नहीं है कि लार्सन ने भारतीयों के खिलाफ ये मेल क्यों लिखा था। लार्सन ने नवाज शरीफ से जुड़ा मेल भी एपस्टीन को भेजा था एपस्टीन फाइल से ये भी पता चला था कि लार्सन ने 2013 में बिल गेट्स और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुलाकात की जानकारी सीधे जेफरी एपस्टीन को भेजी थी। यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। ईमेल में इस बैठक की पूरी रिपोर्ट दी गई है। इसमें बताया गया है कि बिल गेट्स ने पाकिस्तान में पोलियो खत्म करने के लिए की जा रही कोशिशों की तारीफ की थी और कहा था कि इस दिशा में पाकिस्तान ने अपने काम को दोगुना कर दिया है। वहीं, नवाज शरीफ ने साइंस और टेक्नीक को आगे बढ़ाने को लेकर अपनी सोच शेयर की थी। उन्होंने खास तौर पर युवाओं के लिए IT सेक्टर में नौकरियां पैदा करने, टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट बढ़ाने, ई-गवर्नेंस और टेक पार्क बनाने की बात कही थी। लार्सन को मंत्री से इस्तीफा देना पड़ा था लार्सन एक नॉर्वेजियन डिप्लोमेट रहे हैं। वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष थे और UN में भी काम कर चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उनका नाम जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा था। हाल ही में जब टेर्जे रोड-लार्सन से जब जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े मामलों पर सवाल पूछे गए थे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पूरे मामले में वे लगातार मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। लार्सन नॉर्वे की लेबर पार्टी से जुड़े रहे हैं। साल 1996 में टैक्स से जुड़े मामले में गड़बड़ी की वजह से उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने UN में कई पदों पर काम किया और साल 2020 तक इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष रहे। एपस्टीन के कर्जदार थे टेर्जे रोड लार्सन इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के साथ-साथ एपस्टीन से जुड़ी संस्थाओं से भी फंडिंग मिलती थी। बाद में सामने आया कि लार्सन ने एपस्टीन से निजी तौर पर पैसे भी लिए थे। उन्होंने इसके लिए संस्थान के बोर्ड और सहयोगियों से माफी मांगी और खराब फैसले लेने की बात स्वीकार की। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि लार्सन ने एपस्टीन से 1.3 लाख डॉलर का निजी कर्ज लिया था और एपस्टीन की संस्थाओं से करीब 6.5 लाख डॉलर का चंदा भी स्वीकार किया था। इस मामले पर भी उन्होंने अब भी कोई बयान नहीं दिया। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। ————- यह खबर भी पढ़ें… मक्का के काबा का पवित्र कपड़ा एपस्टीन को गिफ्ट मिला:एपस्टीन फाइल में दावा- महिला कारोबारी ने भेजा, इसे 1 करोड़ मुसलमानों ने छुआ था जेफ्री एपस्टीन से जुड़े जारी दस्तावेजों में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2017 में मक्का स्थित काबा को ढकने वाले पवित्र कपड़े के तीन टुकड़े अमेरिका भेजे गए थे, जो बाद में एपस्टीन के फ्लोरिडा स्थित घर तक पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर… ब्रिटिश प्रिंस ने एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजी:बेटी ने पिता से रिश्ता तोड़ा; सर्वाइवर बोली- शाही महल में यौन संबंध के लिए मजबूर किया गया ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है, जिसे जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को जारी किया था। प्रिंस एंड्रयू की तरफ से एपस्टीन को 20 दिसंबर 2012 को एक कार्ड भेजा गया। इसमें कुल 4 तस्वीरें थीं। पढ़ें पूरी खबर…
