मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले किया था और इसमें अमेरिका शामिल नहीं था। नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल से ऐसे हमलों को फिलहाल रोकने के लिए कहा है और इजराइल इस पर अमल कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा, “ट्रम्प ने हमसे भविष्य में ऐसे हमले रोकने को कहा और हम फिलहाल रुके हुए हैं।” यह हमला जंग में बड़ा एस्केलेशन माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले इजराइल ईरान के तेल और गैस उत्पादन ठिकानों को सीधे निशाना बनाने से बच रहा था। इस हमले के बाद ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की, जिससे कतर के रास लफ्फान गैस प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में गैस-तेल की कीमतों में तेजी आई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे, तो इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया जंग के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है और पायलट सुरक्षित है। घटना की जांच जारी है। हालांकि अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरानी हमले की पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार हो सकता है जब इस जंग के दौरान ईरान ने किसी अमेरिकी सैन्य विमान को निशाना बनाया हो। F-35 दुनिया के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से अधिक होती है। अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को जानिए… इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
