नागपुर हिंसा- मास्टरमाइंड फहीम समेत अब तक 84 गिरफ्तार:सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर एक्शन होगा; मंत्री कदम बोले- हम पुलिस का डर दिखाएंगे

नागपुर हिंसा मामले में अब तक 84 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, बुधवार को महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने यह संख्या 69 बताई थी। इनमें आठ विश्व हिंदू परिषद (VHP) कार्यकर्ता भी शामिल हैं। वहीं, पुलिस ने बुधवार को मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान को गिरफ्तार किया। फहीम समेत 19 आरोपियों को 21 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। उसने 500 से ज्यादा दंगाइयों को इकट्ठा किया और हिंसा को बढ़ावा दिया। मंत्री कदम ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कदम ने कहा;- दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करने की हिम्मत की है। हम दिखाएंगे कि पुलिस का डर क्या होता है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। दरअसल, सोमवार रात हुई हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें तीन डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ की, पेट्रोल बम फेंके, पथराव किया और कुछ घरों पर भी हमला किया। फडणवीस बोले- चादर पर कुरान की आयत नहीं थी, अफवाह फैलाई गई सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि जलाई गई चादर पर कुरान की आयत नहीं थी। आयत को लेकर अफवाह फैलाई गई। उन्होंने कहा कि पुलिस और मेरे बयान में फर्क नहीं है। जानबूझकर हिंसा फैलाई गई। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस पर हमला करने वाले बचेंगे नहीं। जो कब्र में छिपे हैं तो कब्र से निकालेंगे। हिंसा वाली जगह पर आज भी कर्फ्यू, 3 तस्वीरें… औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र जलाने से बवाल हुआ
सोमवार को नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान गोबर के कंडों से भरा एक हरे रंग का कपड़ा जलाया गया। VHP के मुताबिक, ये औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र थी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देर शाम 7:30 बजे नागपुर के महल इलाके में हिंसा भड़क गई। पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और सड़क पर खड़े दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी की। पुलिस पर भी हमला किया गया। DCP निकेतन कदम कुल्हाड़ी के हमले से घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। रात 10.30 बजे से 11.30 बजे के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में एक और झड़प हुई। हिंसा से जुड़ी तस्वीरें… औरंगजेब पर कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद… सपा विधायक बोले- औरंगजेब क्रूर शासक नहीं
पूरा विवाद महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आजमी के बयान से शुरू हुआ। उन्होंने 3 मार्च को कहा- हमें गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए हैं। मैं उसे क्रूर शासक नहीं मानता। अगर कोई कहता है कि यह लड़ाई हिंदू-मुसलमान को लेकर थी, तो मैं इस पर विश्वास नहीं करता। आरोप लगे कि आजमी ने शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज पर अपमानजनक टिप्पणी की। विवाद बढ़ने पर आजमी ने 4 मार्च को अपना बयान वापस ले लिया। उन्होंने कहा- ‘मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। फिर भी मेरी बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपना स्टेटमेंट वापस लेता हूं।’ आजमी पूरे बजट सत्र के लिए सस्पेंड
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। अबू आजमी के बाद उन्हें पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के अंदर उनके बयान की निंदा की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि आजमी पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। मामला यहीं नहीं रुका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी UP विधानसभा में बजट सत्र के दौरान आजमी के बयान की आलोचना की उन्होंने कहा- भारत की आस्था को रौंदने वाले का महिमामंडन करने वाले सदस्य को सपा से बाहर निकाल देना चाहिए। उसे (अबू आजमी) यहां बुलाइए। UP ऐसे लोगों का उपचार करने में देर नहीं करता। औरंगजेब की कब्र ढहाने की मांग, CM फडणवीस का समर्थन
बढ़ते विवाद के बीच छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सातारा से भाजपा सांसद उदयनराजे भोंसले ने औरंगजेब की कब्र को ढहाने की मांग की। उन्होंने कहा- एक JCB मशीन भेजकर उसकी (औरंगजेब) कब्र को गिरा दो, वह एक चोर और लुटेरा था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मांग का समर्थन किया। तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने भी कब्र हटाने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को चिट्‌ठी लिखकर कब्र के रखरखाव पर खर्च का विवरण मांगा। राजा ने कहा- हमारी संस्कृति का दमन करने वाले की कब्र पर करदाताओं का एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाना चाहिए। राउत बोले- ये मराठाओं के शौर्य का स्मारक
उधर शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कब्र विवाद को लेकर भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- औरंगजेब की कब्र मराठाओं के शौर्य का एक स्मारक है। यह आने वाली पीढ़ी को बताएगा कि किस तरह से शिवाजी महाराज और मराठा सैनिक आक्रांताओं से लड़ते रहे। 1707 में बनी थी औरंगजेब की कब्र
मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र छत्रपति संभाजीनगर से 25 किमी दूर खुल्दाबाद में है। इतिहासकारों के मुताबिक, 1707 में जब औरंगजेब की मौत के बाद बादशाह की इच्छा के अनुसार उसे खुल्दाबाद में उसके आध्यात्मिक गुरु शेख जैनुद्दीन की दरगाह के पास दफनाया गया। औरंगजेब की कब्र साधारण मिट्टी की बनी हुई थी, जिसमें बाद में ब्रिटिश वायसरॉय कर्जन ने संगमरमर लगवाया था। इस स्थान को ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां लोग आज भी श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। ——————————————————– औरंगजेब विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… प्रमोद कृष्णम् बोले- कब्र तोड़ना तालिबान का काम, भारत की संस्कृति मुर्दों से लड़ने की नहीं औरंगजेब कब्र विवाद के बीच के कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा- कब्र तोड़ना तालिबान का काम है। भारत की संस्कृति मुर्दों से लड़ने की नहीं है। हिंदू संगठनों ने औरंगजेब की कब्र तोड़ने की मांग की है। इस पर विवाद छिड़ा है। पूरी खबर पढ़ें…

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