नक्सली लीडर देवजी ने तेलंगाना में किया सरेंडर:साथियों संग डाले हथियार, बसवाराजू के एनकाउंटर के बाद बना था महासचिव; डेढ़ करोड़ का है इनामी

नक्सली संगठन के महासचिव और पोलित ब्यूरो मेंबर थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी ने सरेंडर कर दिया है। 22 फरवरी को तेलंगाना पुलिस के सामने उसने अपने साथियों के साथ हथियार डाल दिए। बता दें कि ​​देवजी (65) तेलंगाना के जगतियाल जिले का रहने वाला हैं और उसका आत्मसमर्पण संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने देवजी को महासचिव बनाया था। वर्तमान में ये नक्सल संगठन का सबसे बड़ा लीडर है। इस पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही करीब डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। इसके साथ ही माओवादी नेता मल्ला राजी रेड्डी और सीपीआई (माओवादी) के कई नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों से 89 आईईडी बरामद गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्रेगुट्टा अभियान चल रहा है। अभी तक 89 आईईडी बरामद हो चुकी है। बताया जा रहा है इस अभियान के तहत शेष बचे नक्सलियों को आखिरी मौका दिया गया है कि वे मुख्य धारा में वापस लौट आए। कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर KGH 2 अभियान बता दें कि 17 फरवरी को CRPF के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा हिल्स पर KGH 2 लॉन्च किया है। इसके तहत पुलिस शेष बचे नक्सली लीडर मिसिर बेसरा उर्फ ​​भास्कर, राममन्ना उर्फ ​​गणपति उर्फ ​​लक्ष्मण राव और राजी रेड्डी समेत 300 नक्सलियों की तलाश कर रही है। थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी के बारे में जानिए जानिए क्या बोले बस्तर आईजी ? बस्तर आईजी सुंदरराज पी. का कहना है कि, सीमावर्ती राज्य में कुछ वरिष्ठ नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण की खबरों को लेकर काफी चर्चा चल रही है। प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसी किसी भी घटना, कार्रवाई या घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि केवल संबंधित एजेंसियों या संबंधित राज्य अधिकारी ही कर सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों में जब नक्सली संगठन निरंतर अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। उसके कैडरों के पास हिंसा त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने के अतिरिक्त कोई सार्थक विकल्प शेष नहीं है। हम नक्सली नेतृत्व और कैडरों से अपील करते हैं कि, वे इस वास्तविकता को स्वीकार करें। आगे आकर हथियार डालते हुए शांति और गरिमा के मार्ग को अपनाने का विवेकपूर्ण निर्णय लें। जो इस संदेश को समझने में विफल रहेंगे, उन्हें इसके अनिवार्य परिणामों का सामना करना होगा। बस्तर में करीब 200 नक्सली बचे नक्सल संगठन में बस्तर के अलग-अलग इलाकों में करीब 200 आर्म कैडर के नक्सली ही बचे हुए हैं, जो टुकड़ों में यहां-वहां छिपे हुए हैं। नक्सलियों का महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन पूरी तरह से खत्म हो गया है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन से भी नक्सलियों का लगभग सफाया हो गया है। जानकारी के मुताबिक दक्षिण बस्तर के जंगलों में पापाराव अपने साथियों के साथ अलग-अलग टुकड़ियों में छिपे हुए हैं। जबकि मिशिर बेसरा झारखंड में है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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