दिल्ली ब्लास्ट केस में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक मामले में गिरफ्तार 8 आतंकी 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। इनमें बम और विस्फोटक सामग्री भरकर धमाके किए जाने थे। 10 नवंबर को जिस i20 कार में ब्लास्ट हुआ, 12 नवंबर को जो लाल इकोस्पोर्ट कार पकड़ी, ये उसी साजिश का हिस्सा है। जांच एजेसिंयों ने गुरुवार को भी फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस से ब्रेजा कार बरामद की। यह कार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की सरगना डॉ. शाहीन सईद के नाम रजिस्टर है। लखनऊ की शाहीन दिल्ली ब्लास्ट में आरोपी है। ब्रेजा शाहीन की दूसरी कार है, जिसे यूनिवर्सिटी के फ्लैट नंबर 32 के पते पर सितंबर 2025 में खरीदा था। उसकी पहली कार स्विफ्ट में 8 नवंबर को हथियार मिले थे। दिल्ली ब्लास्ट से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं। जांच एजेंसियों ने यह भी बताया कि धमाकों के लिए 8 संदिग्धों की टीम बनी थी, जिन्हें 4 शहरों में दो-दो के ग्रुप में भेजा जाना था। आरोपियों ने 20 लाख रुपए जुटाकर आतंकी डॉ. उमर नबी को दिए थे। उमर ने इन पैसों से 20 क्विंटल फर्टिलाइजर खरीदा, जिससे विस्फोटक बनना था, लेकिन वो पकड़ा गया। दिल्ली ब्लास्ट का सबसे क्लोज CCTV फुटेज की 2 तस्वीरें… ब्लास्ट से जुड़ी दूसरी गाड़ी की जांच जारी पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। इसके बाद हरियाणा के खंदावली गांव में लावारिस गाड़ी की खबर सामने आई। फिलहाल गाड़ी की जांच जारी है। दिल्ली ब्लास्ट में भास्कर की 2 इन्वेस्टिगेशन मैप से समझिए धमाके की लोकेशन दिल्ली धमाके से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
