अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार रात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेंलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर रूसी विमान, NATO देशों के एयरस्पेस में घुसते हैं तो उन्हें मार गिराया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि यूक्रेन, NATO और यूरोप की मदद से रूस से सारा कब्जा किया इलाका वापस ले सकता है। मुलाकात के बाद ट्रम्प ने अपनी बात दोहराते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- यूक्रेन अपनी खोयी जमीन को वापस लेने की स्थिति में है। ट्रम्प ने रूस की अर्थव्यवस्था और उसकी सैन्य ताकत पर कहा, सबसे बड़ी बात यह है कि रूस की अर्थव्यवस्था इस समय बेहद खराब हालत में है। यूक्रेन एक बड़ी सेना को रोकने में अच्छा काम कर रहा है। यह जंग जल्दी खत्म हो जानी चाहिए थी, लेकिन साढ़े तीन साल से चल रही है। इससे रूस की छवि खराब हो रही है। ट्रम्प बोले- यूरोपीय देश रूसी तेल-गैस खरीदना बंद करें ट्रम्प ने मंगलवार रात UN महासभा को संबोधित करते हुए यूरोपीय देशों से अपील की कि वे रूस से तेल-गैस खरीदना पूरी तरह बंद करें। उन्होंने कहा कि NATO देश खुद ही युद्ध को फंड कर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि तीन साल से ज्यादा चले युद्ध ने मॉस्को को ‘पेपर टाइगर’ (कागजी शेर) बना दिया है। उनके मुताबिक यह लड़ाई दिखाती है कि खराब नेतृत्व एक देश को कैसे कमजोर कर सकता है। अगर मॉस्को समझौते को तैयार नहीं होता तो अमेरिका कड़े टैरिफ लगाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की बोले- ट्रम्प का बयान गेम चेंजर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेंलेंस्की ने भी सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका से रूस पर और दबाव डालने की मांग की। ट्रम्प के जमीन वापस लेने के बयान को गेम चेंजर भी कहा। मंगलवार देर रात फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें ट्रम्प के यूक्रेन पर अचानक बदले रुख से हैरानी हुई है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प का यह रुख युद्ध खत्म करने में मददगार हो सकता है। जेलेंस्की ने इंटरव्यू में कहा कि अब उनके और ट्रम्प के बीच ज्यादा बातचीत और मुलाकातें हो रही हैं, जिससे रिश्ते बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा, पुतिन ने बार-बार ट्रम्प से झूठ बोला, यही वजह है कि अब हमारे रिश्ते बेहतर हुए हैं। हालांकि ट्रम्प और जेलेंस्की के रिश्ते पहले काफी तनावपूर्ण रहे हैं। इस साल फरवरी में व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की जेलेंस्की के साथ बहस हुई थी। ट्रम्प ने 8 इस्लामिक देशों से बैठक की ट्रम्प ने मंगलवार रात UN हेडक्वार्टर में 8 इस्लामिक देशों के नेताओं के साथ बैठक की। उन्होंने दावा किया के वे गाजा में चल रही जंग को खत्म करेंगे। बैठक में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के नेता शामिल हुए। बैठक खत्म होने के बाद ट्रम्प ने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया और सिर्फ हाथ हिलाकर आगे बढ़ गए। UAE की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बैठक में गाजा जंग को रोकने और स्थायी सीजफायर पर चर्चा हुई। साथ ही हमास की कैद में मौजूद बंधक बनाए गए सभी लोगों की रिहाई और गाजा में मानवीय संकट से निपटने को लेकर भी सहमति बनी। 13 अगस्त: ट्रम्प बोले- रूस-यूक्रेन को जमीन अदला-बदली करनी होगी, तभी जंग खत्म होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की थी। बैठक का मकसद रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के रास्ते तलाशना था। बैठक में ट्रम्प ने कहा था कि इस जंग को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों को जमीन की अदला-बदली करनी पड़ सकती है। जेलेंस्की ने बैठक के दौरान कहा था कि पुतिन धोखा दे रहे हैं। वे यह दिखावा कर रहे हैं कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा हैं और ये कारगर नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————————- ट्रम्प के UNGA भाषण से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प के पहुंचते ही खराब हुआ एस्केलेटर: भाषण से पहले टेलिप्रॉम्प्टर बंद, रूसी राजदूत ने मोबाइल से VIDEO बनाया; UN में रोचक मोमेंट्स अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 23 सितंबर को UN महासभा को संबोधित किया। ट्रम्प जब भाषण देने UN हॉल में जा रहे थे, तभी एस्केलेटर बंद हो गया। इसके बाद जब उन्होंने भाषण की शुरुआत की तो टेलिप्रॉम्प्टर खराब हो गया। भाषण के दौरान एक रोचक मोमेंट तब आया जब रूसी डिप्लोमैट्स मोबाइल में ट्रम्प के भाषण का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
