अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) को परमाणु हथियारों की तुरंत टेस्टिंग शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह टेस्टिंग चीन और रूस के बराबर स्तर पर होनी चाहिए। ट्रम्प ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करके यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, दूसरे देशों की टेस्टिंग को देखते हुए मैंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को आदेश दिया है कि हमारे परमाणु हथियारों की टेस्टिंग बराबरी के आधार पर शुरू की जाए। यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब ट्रम्प गुरुवार को दक्षिण कोरिया में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। दोनों नेताओं की इस बैठक का मकसद चल रहे ट्रेड वॉर को कम करना बताया जा रहा है। रूस न्यूक्लियर पावर्ड मिसाइल का टेस्ट कर चुका रूस ने 21 अक्टूबर को न्यूक्लियर पावर्ड मिसाइल का टेस्ट किया था। ट्रम्प ने गलत कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि पुतिन मिसाइल परीक्षण करने की बजाय जंग रोके। ट्रम्प ने कहा कि एक हफ्ते में खत्म होने वाली जंग के 4 साल होने वाले हैं। उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए। ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में यह दावा भी किया कि अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार यह दावा गलत है। ‘इंटरनेशनल कैंपेन टू एबॉलिश न्यूक्लियर वेपंस’ के मुताबिक रूस के पास सबसे ज्यादा यानी 5,500 से ज्यादा परमाणु वारहेड हैं, जबकि अमेरिका के पास लगभग 5,044 हैं। अमेरिका ने आखिरी बार 23 सितंबर 1992 को नेवादा में परमाणु परीक्षण किया था। इसी साल तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश ने भूमिगत परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने की घोषणा की थी।
