ट्रम्प और US सेंट्रल बैंक गवर्नर में बहस:ट्रम्प ने बैंक रेनोवेशन पर सवाल उठाए, गवर्नर बोले- 5 साल पुरानी इमारत की लागत जोड़ रहे हो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को फेडरल रिजर्व (केन्द्रीय बैंक) के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने चेयरमैन (गवर्नर) जेरोम पॉवेल की आलोचना की और फेडरल ऑफिस की रेनोवेशन लागत पर सवाल उठाए। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। ट्रम्प ने दावा किया कि रेनोवेशन की लागत 3.1 बिलियन डॉलर (27 हजार करोड़ रुपए) है। इस पर पॉवेल ने असहमति जताते हुए कहा- मुझे इसकी जानकारी नहीं है। फेडरल रिजर्व में किसी ने ऐसा नहीं बताया। फेडरल रिजर्व के मुताबिक, रेनोवेशन लागत 2.5 बिलियन डॉलर (23 हजार करोड़ रुपए) है। इसके बाद ट्रम्प ने अपनी जेब से एक डॉक्यूमेंट निकाला और पॉवेल को सौंपा। पॉवेल ने डॉक्यूमेंट देखकर उसे वापस करते हुए कहा कि ट्रम्प ‘तीसरी इमारत को लागत में जोड़ रहे हैं।’ ट्रम्प ने जवाब दिया- यह इमारत बन रही है, लेकिन पॉवेल ने तुरंत कहा- यह इमारत पांच साल पहले बन चुकी है, यह नई नहीं है। ट्रम्प बोले- पॉवेल ब्याज दरों में कटौती करें दौरे से पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि उनकी सरकार फेडरल रिजर्व में हो रहे कामों पर नजर रख रही है। ट्रम्प ने कहा कि वह चाहते हैं कि रेनोवेशन का काम पूरा हो और पॉवेल बेंचमार्क ब्याज दरों में भारी कटौती करें। ट्रम्प पहले भी सोशल मीडिया और पत्रकारों के सामने पॉवेल की आलोचना कर चुके हैं। यह मुलाकात दोनों के बीच तनाव को और उजागर करती है। दौरे के बाद, ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रेनोवेशन काम में अभी बहुत वक्त लगना है, अगर इसे कभी शुरू ही नहीं किया जाता तो बहुत बेहतर होता, लेकिन जो है सो है। ट्रम्प ने पॉवेल की नियुक्ति की थी ट्रम्प ने 2017 में पॉवेल को फेडरल रिजर्व का चेयरमैन नियुक्त किया था, लेकिन 2018 में ब्याज दरें बढ़ाने के फैसले पर ट्रम्प ने पॉवेल की आलोचना शुरू की। ट्रम्प ने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा था कि वह पॉवेल की नियुक्ति से “थोड़ा भी खुश नहीं” हैं और फेडरल रिजर्व की नीतियां “गलत दिशा” में हैं इसके अलावा भी वो पॉवेल को नफरत करने वाला और बेवकूफ कह चुके हैं। उन्हें कई बार पॉवेल नौकरी से निकालने की बात कही। ट्रम्प का सरकारी खर्च में कटौती पर जोर ट्रम्प 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने के बाद से ही लगातार सरकार खर्च में कटौती करने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने इलॉन मस्क की लीडरशिप में ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DoGE) शुरू किया था, जिसने हजारों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी और कई एजेंसियों के खर्च में कमी की। इसके अलावा ट्रम्प ने 2026 के लिए 163 बिलियन डॉलर की गैर-रक्षा खर्च में कटौती का प्रस्ताव दिया, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और जलवायु प्रोग्राम शामिल हैं। ट्रम्प ने कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के बिना कई फंडिंग को फ्रीज करने के लिए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर का सहारा लिया था। —————————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- अमेरिकी कंपनियां भारतीयों की भर्ती रोकें:अमेरिकियों को पहले नौकरी दें; कहा- आजादी का फायदा उठाकर चीन में फैक्ट्रियां लगा रहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका की गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों को भारत में हायरिंग रोकने को कहा है। ट्रम्प ने कल वॉशिंगटन डीसी में आयोजित AI समिट में कहा अमेरिका की सबसे बड़ी टेक कंपनियां हमारी आजादी का लाभ उठाती हैं, लेकिन फैक्ट्रियां चीन में लगाती हैं और भारत से लोग भर्ती करती हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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