जोमैटो की कमाई 3 गुना बढ़ी, फिर भी मुनाफा घटा:दूसरी तिमाही में 63% कम होकर ₹65 करोड़ रहा; शेयर 4% गिरा

ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो (इटरनल लिमिटेड) को वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2FY26) में 65 करोड़ रुपए का मुनाफा (कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 63% कम है। Q2FY25 में कंपनी को ₹176 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 13,590 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया, जो पिछले साल के समान तिमाही के 4,799 करोड़ रुपए से 184% (करीब तीन गुना) ज्यादा है। वस्तुओं और सेवाओं के बेचने से मिलने वाली राशि रेवेन्यू होता है। 19वीं सबसे बड़ी कंपनी है जोमैटो तिमाही नतीजों के बाद जोमैटो का शेयर आज (16 अक्टूबर) 3.91% गिरकर 340.50 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 368.20 के स्तर तक चला गया था। कंपनी के शेयर ने बीते 4.03%, 6 महीने में 53.32%, एक साल में 24.16% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 23.15% का रिटर्न दिया है। जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल है। 3.16 लाख करोड़ रुपए मार्केट कैप के साथ यह देश की 19वीं सबसे बड़ी कंपनी है। कंसॉलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, जोमैटो की ब्लिंकिट समेत 21 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे

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