छत्तीसगढ़-राज्यसभा के लिए कांग्रेस से फूलो देवी नेताम को टिकट:दोबारा मिला मौका, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं, भूपेश-बैज के नामों की थी चर्चा

छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। फूलो देवी वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वहीं राज्यसभा में जिन उम्मीदवारों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनमें फूलो देवी नेताम का नाम भी शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें दोबारा टिकट दिया है। जानकारी के मुताबिक, पार्टी हाईकमान ने संभावित नामों पर मंथन किया था। उनमें PCC अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व PCC अध्यक्ष मोहन मरकाम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री टीएस सिंह देव शामिल था। इन चर्चाओं के बीच फूलो देवी नेताम को मौका दिया गया है। बीजेपी से लक्ष्मी वर्मा उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी हाईकमान ने मंथन के बाद 7 नामों के पैनल में से 3 नामों को अंतिम रूप दिया था। इनमें लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी का नाम शामिल था। जिसके बाद पार्टी ने राजनीति में 30 साल से सक्रिय रही लक्ष्मी वर्मा को टिकट दिया है। बता दें कि भाजपा में लंबे समय से चर्चा थी कि, राज्यसभा के लिए संगठन और सामाजिक समीकरण के साथ ही मातृशक्ति को मौका दिया जाएगा। जिसके बाद महिला उम्मीदवार चुनी गई। अभी ये हैं राज्यसभा सांसद छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए वर्तमान में 5 सदस्य प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें 2 सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जबकि 2 सदस्यों का कार्यकाल 2028 और 2030 तक जारी रहेगा। 9 अप्रैल 2026 तक कार्यकाल वाले सांसदों में फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी शामिल हैं। यह दोनों कांग्रेस पार्टी से हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 29 जून 2028 तक है। वहीं भाजपा से देवेन्द्र प्रताप सिंह का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित है। ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। छत्तीसगढ़ की 2 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 2 हैं। कुल विधायक ÷ (रिक्त सीटें + 1) + 1। यानी 90 ÷ (2+1) = 90 ÷ 3 = 30, और उसमें 1 जोड़ने पर आंकड़ा 31 आता है। इसका मतलब साफ है कि किसी भी उम्मीदवार को एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 विधायकों के प्रथम वरीयता मत चाहिए। राज्यसभा चुनाव में हर विधायक के वोट की वैल्यू समान होती है। इसलिए जो उम्मीदवार 31 का आंकड़ा पार कर लेता है, उसकी जीत सुनिश्चित हो जाती है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़-राज्यसभा के लिए BJP से लक्ष्मी वर्मा को टिकट:महिला आयोग की सदस्य हैं; नारायण चंदेल और डॉ. बांधी भी रेस में थे शामिल भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी हाईकमान ने 6 राज्यों के लिए कैंडिडेट की लिस्ट जारी की है। जिसमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा का नाम है। पढ़ें पूरी खबर…

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