छत्तीसगढ़ में खनन कारोबारियों के घर ACB-EOW की रेड:रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव में छापा; 10 गाड़ियों में पहुंची टीम; DMF घोटाले में कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में ACB और EOW की रेड पड़ी है। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में कार्रवाई चल रही है। धमतरी में भी रेड पड़ी है। राजनांदगांव में तीन स्थानों पर एक साथ EOW की टीम पहुंची है। रायपुर से करीब 10 गाड़ियों में अधिकारियों की टीम ने भारत माता चौक स्थित अग्रवाल निवास, सत्यम विहार स्थित नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित भंसाली के यहां कार्रवाई की है। यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) से जुड़े कारोबारियों, सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है। जो डीएमएफ घोटाले से जुड़ी जांच के तहत की गई है। क्या है DMF घोटाला छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं है। टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। ED के तथ्यों के मुताबिक टेंडर करने वाले संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी और बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर नाम के लोगों के साथ मिलकर पैसे कमाए गए। डिस्ट्रिक मिनरल फंड (DMF) घोटाला मामले में कलेक्टर को 40%, सीईओ 5%, एसडीओ 3% और सब इंजीनियर को 2% कमीशन मिला। DMF के वर्क प्रोजेक्ट में करप्शन के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया था। फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरण, खेल सामग्री और मेडिकल उपकरणों की कैटेगरी को जोड़ा गया था, ताकि संशोधित नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी डेवलपमेंट वर्क को दरकिनार कर अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया जा सके। यह खुलासा कोरबा में 575 करोड़ रुपए से ज्यादा के हुए DMF स्कैम की जांच में हुआ है। इसकी पुष्टि रायपुर कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पेश किए गए 6 हजार पेज के चालान से हुई है। 25 से 40 प्रतिशत का कमीशन ED की जांच से पता चला कि ठेकेदारों ने अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को भारी मात्रा में कमीशन का भुगतान किया है, जो कि कांट्रैक्ट का 25% से 40% तक था। रिश्वत के लिए दी गई रकम की एंट्री विक्रेताओं ने आवासीय (अकोमोडेशन) के रूप में की थी। एंट्री करने वाले और उनके संरक्षकों की तलाशी में कई आपत्तिजनक विवरण, कई फर्जी स्वामित्व इकाई और भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। तलाशी अभियान के दौरान 76.50 लाख कैश बरामद किया गया। वहीं 8 बैंक खाते सीज किए। इनमें 35 लाख रुपए हैं। इसके अलावा फर्जी डमी फर्मों से संबंधित विभिन्न स्टाम्प, अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। …………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 350 करोड़ का DMF घोटाला…4 करोड़ कैश,10KG चांदी जब्त: ED ने 28 ठिकानों पर की थी छापेमारी, घोटाले से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मिले छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाला केस में ED ने 4 करोड़ रुपए नकद और 10 किलो चांदी की ईंटें बरामद की हैं। इसके साथ ही कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ED को इन दस्तावेजों में भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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