चीन ने ताइवान को पांच तरफ से घेरा, सैन्य-अभ्यास शुरू:जवाब में ताइवान ने काउंटर कॉम्बैट एक्सरसाइज लॉन्च की, तीनों सेनाएं भी अलर्ट पर

चीन ने ताइवान को पांच तरफ से घेरते हुए बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। चीनी सेना ने ताइवान के उत्तर, उत्तर-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी तट के पास अलग-अलग जोन बनाकर लाइव-फायर ड्रिल शुरू की है। चीन की कार्रवाई के जवाब में ताइवान ने भी काउंटर कॉम्बैट एक्सरसाइज शुरू कर दी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी थलसेना, नौसेना और वायुसेना को अलर्ट पर रखा गया है। चीनी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। ताइवान ने अपनी सेनाओं को तैनात कर कॉम्बैट-रेडीनेस ड्रिल शुरू की है। ताइवान ने चीन पर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ताइवान कोस्ट गार्ड के मुताबिक, चीन के सैन्य अभ्यास से जहाजों की आवाजाही और मछुआरों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है। चीनी सैन्य-अभ्यास का वीडियो… नेवी, एयरफोर्स और रॉकेट फोर्स एक साथ तैनात चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मुताबिक, इस अभ्यास में नौसेना, वायुसेना और रॉकेट फोर्स को एक साथ तैनात किया गया है। ड्रिल में युद्धपोत, फाइटर जेट, बॉम्बर, ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए समुद्री और हवाई टारगेट को निशाना बनाने, बंदरगाहों की नाकाबंदी और बाहरी दखल को रोकने का अभ्यास किया जा रहा है। इसके साथ ही चीनी कोस्ट गार्ड को भी ताइवान के आसपास समुद्र में एक्टिव किया गया है। इस सैन्य अभियान को ‘जस्टिस मिशन 2025’ नाम दिया गया है। चीनी सेना ने कहा है कि यह अभ्यास ताइवान की ‘अलगाववादी ताकतों’ और बाहरी देशों के दखल के खिलाफ चेतावनी है। द गार्डियन ने डिफेंस एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया है कि इस बार चीन का अभ्यास पहले से ज्यादा बड़ा है और ताइवान के बेहद करीब किया जा रहा है। खासकर पूर्वी तट के पास बनाए गए सैन्य जोन को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिशा से संकट के समय ताइवान को अंतरराष्ट्रीय मदद मिल सकती है। ताइवान-अमेरिका की हथियार डील, युद्धाभ्यास की वजह चीन के इस युद्धाभ्यास की वजह अमेरिका और ताइवान के बीच हुई हथियारों की डील मानी जा रही है। अमेरिका ने हाल ही में ताइवान को करीब 11.1 अरब डॉलर के हथियार बेचने की घोषणा की थी, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा पैकेज है। इसमें आधुनिक मिसाइल सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं। इस डील से चीन भड़क गया, क्योंकि वह ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। वह ताइवान को मिलने वाले किसी भी विदेशी सैन्य समर्थन को सीधे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम मानता है। इसके चलते उसने 26 दिसंबर को अमेरिका की 20 डिफेंस कंपनियों और 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। चीन ने ताइवान के चारों ओर लाइव फायर युद्धाभ्यास शुरू कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह ताइवान को सैन्य समर्थन देने वाले देशों, खासकर अमेरिका, को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। ताइवान को अपना मानता है चीन चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उस पर किसी भी जबरन कब्जे का विरोध करता है। ताइवान जापान से सिर्फ 110 किलोमीटर दूर है। ताइवान के आसपास का समुद्री क्षेत्र जापान के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह उसका एक महत्त्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है। साथ ही, जापान में दुनिया में सबसे बड़ा अमेरिकी सेना का विदेशी ठिकाना भी मौजूद है।

More From Author

कोहली विजय हजारे में एक और मैच खेलेंगे:पहले दो मुकाबले में 208 रन बनाए; रेलवेज के खिलाफ 6 जनवरी को उतरेंगे

आज से बिना आधार 4-घंटे रिजर्व रेल टिकट बुकिंग नहीं:नियम बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *