प्रदेश में घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए राज्य सरकार बड़ा अभियान चलाने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक टोल फ्री नंबर- 18002331905 जारी किया गया है। संदिग्ध दिखने वाले और अलग भाषा शैली के लोगों की पहचान कर आम लोग इस नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए राज्य में जय छत्तीसगढ़ अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग ने पहले ही हर जिले में एसटीएफ का गठन किया है। इसमें पुलिस विभाग के अफसर व जवान शामिल हैं। टोल फ्री नंबर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस प्रदेश में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाएगी। जय छत्तीसगढ़ अभियान के तहत आइडेंटिफिकेशन के दूसरे पैरामीटर्स भी डेवलपकिए गए हैं। इन पैरामीटर्स का उपयोग कर यह पता किया जाएगा कि वे कौन हैं। ऐसे कर सकेंगे पहचान घुसपैठियों की पहचान के लिए कई पैरामीटर्स बनाए गए हैं। यदि किसी को लगता है कि इस क्षेत्र, बस्ती या घर में किसी ने दो कमरे किराए पर दे रखे हैं। मुहल्ले में कोई अचानक रहने लगा है। टेंट वाले ने ऐसे कामगारों को रखा है, जो कम वेतन पर काम कर रहे हैं। इनकी भाषा शैली अलग है। ऐसे सभी लोगों की शिकायत इस टोल फ्री नंबर पर की जा सकेगी। पूर्वी बंगाल में थोड़ा खींचकर बोलते हैं, इसलिए आम लोग आसानी से इनको पहचान सकते हैं। प्रारंभिक सूचना के आधार पर जांच की जाएगी। जांच में यदि यह स्पष्ट हो जाता है कि ये घुसपैठिए हैं तो उन्हें होल्डिंग सेंटर्स में रखा जाएगा। इसके बाद इनके डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ सुरक्षित रहे, यही कोशिश घुसपैठियों की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। प्रदेश में जय छत्तीसगढ़ अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में एसटीएफ का गठन किया गया है। एडिशनल एसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी को इसका नोडल बनाया गया है। भविष्य में छत्तीसगढ़ सुरक्षित रहे इसके लिए कोशिश की जा रही है।-विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
