गाजा के सुरंग में फंसे 200 हमास लड़ाके:इजराइल ने निकलने का रास्ता बंद किया, इजराइली सेना बोली- इन्हें अंडरवियर में आर्मी कैंप ले जाएंगे

गाजा के राफा बॉर्डर के पास करीब 200 हमास लड़ाके एक सुरंग में फंस गए हैं और वहां से निकल नहीं पा रहे हैं। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उन्हें सुरक्षित निकलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, ये लड़ाके गाजा के उस हिस्से में मौजूद हैं, जो इजराइल के नियंत्रण में है। वे सुरंगों के अंदर छिपे हैं लेकिन अगर पीछे हटने की कोशिश करेंगे तो सीधे इजराइली सैनिकों (IDF) के हाथों पकड़े जाने का खतरा है। इजराइली मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सुरंगों में फंसे हमास के ये करीब 200 आतंकवादी मार्च 2025 से वहां फंसे हुए हैं। यानी उन्हें सुरंगों में फंसे हुए लगभग 7-8 महीने हो चुके हैं। इजराइल ने बाहर निकलने की सुरंगें और रास्ते बंद कर दिए हैं, ताकि कोई भी हमास लड़ाका भाग न सके। IDF चीफ बोले- हमास लड़ाकों को निकालने के लिए कोई समझौता नहीं होगा कुछ इजराइली मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अगर हमास के लड़ाके अपने हथियार डाल दें, तो उन्हें बाहर निकलने दिया जा सकता है। हालांकि, नेतन्याहू के दफ्तर ने इस दावे को झूठा बताया और साफ किया कि किसी भी हमास सदस्य को माफी या सुरक्षित निकलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वाईनेट न्यूज के मुताबिक IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने गुरुवार रात वॉर कैबिनेट को बताया कि राफा के नीचे सुरंगों में फंसे 200 हमास लड़ाकों को निकालने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ है। जमीर ने बैठक में कहा कि या तो वे सरेंडर करेंगे या फिर उनका खात्मा होगा या खात्मा। अगर वे सरेंडर करते हैं, तो हम उन्हें पूछताछ के लिए उनके अंडरवियर में सदे तेइमान ले जाएंगे। सदे तेइमान सैन्य ठिकाने पर पकड़े गए कैदियों से पूछताछ होती सदे तेइमान एक सैन्य ठिकाना है जो इजराइल के नेगेव रेगिस्तान में गाजा की सीमा के नजदीक है और अक्टूबर 2023 के बाद इसे गाजा से पकड़े गए लोगों को रखने और पूछताछ करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां पर हजारों फिलिस्तीन कैदी हैं। जमीर ने सरकार को सलाह दी कि जब तक सभी बंधक और शहीद सैनिकों के शव वापस नहीं आ जाते, तब तक सीजफायर समझौते के अगले चरण पर नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गाजा को पूरी तरह से हथियारों से मुक्त किए बिना वहां किसी तरह का कामकाज शुरू नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच 10 अक्टूबर को सीजफायर हुआ था जो कि टूटने की स्थिति में पहुंच गया था। इजराइली सुरक्षा मंत्री की मांग- लड़ाकों को मार दिया जाए यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने हमास को चेतावनी दी थी कि वे गाजा के अपने हिस्से में (यलो लाइन) पीछे हटें। इजराइली सेना (IDF) ने कहा है कि येलो लाइन पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को दुश्मन माना जाएगा। इजराइली सेना अभी राफा के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाए हुए है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने मांग की कि येलो लाइन के पार पकड़े गए हर हमास लड़ाकों को मार दिया जाए या गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने रिहाई को मजाक बताया। सुरंग में फंसे लड़ाके हमास-इजराइल के बीच सीजफायर से अनजान रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राफा में मौजूद हमास के लड़ाके, जिनसे पिछले 7-8 महीने से संपर्क नहीं हो पाया है, शायद यह भी नहीं जानते कि अब सीजफायर लागू हो चुका है। उनमें से एक ने कहा कि उन लड़ाकों को वहां से निकालना सीजफायर को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इस बीच मिस्र ने 6 नवंबर को इजराइल और हमास के बीच एक समझौते का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया था कि हमास के लड़ाकों को सुरक्षित निकलने का रास्ता दिया जाए। इजराइल उन्हें मारने के बजाय किसी तीसरे देश या गाजा के दूसरे हिस्से में जाने का मौका दे। लड़ाकों को छोड़ने के बदले में हमास के लड़ाके हथियार डाल देंगे और गाजा के नीचे बनी सुरंगों की पूरी जानकारी देंगे। ताकि इजराइल उन्हें नष्ट कर पाएगा। इस डील से मिस्र चाहता था कि युद्धविराम कायम रहे, क्योंकि राफा में लड़ाई बढ़ने से फिर से युद्ध छिड़ सकता था। यह प्रस्ताव अमेरिका और कतर की जानकारी में था, ताकि गाजा में चल रहे संघर्षविराम को बचाया जा सके। इस पर अब तक हमास ने कोई जवाब नहीं दिया है। इजराइल ने भी यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि वे आतंकियों से कोई समझौता नहीं करेंगे।

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