किसान ने टोकन नहीं मिलने पर ब्लेड से काटा गला:3 दिनों से परेशान था, मेकाहारा पहुंची कांग्रेस, भूपेश बोले-सरकार के लिए करारा तमाचा है

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसान ने ब्लेड से खुद का गला काट लिया। किसान की सांस नली कट गई है। बताया जा रहा है कि पिछले 3 दिनों से धान बेचने के लिए परेशान था। टोकन नहीं मिला तो हताश होकर गला काट लिया। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक किसान का नाम मनबोध गांड़ा (65) है, जो सेनभाठा गांव का रहने वाला है। गंभीर हालत में बागबाहरा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां से महासमुंद मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर होने की वजह से रायपुर रेफर किया गया है। वहीं किसान के गला काटने की खबर के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल रायपुर मेकाहारा पहुंचा। इस दौरान पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि यह सरकार के लिए करारा तमाचा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान को अपने गले को नुकसान पहुंचाने तक मजबूर होना पड़ा। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, मनबोध गांड़ा धान बेचने के लिए 3 दिनों से चॉइस सेंटर का चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें टोकन नहीं मिल पा रहा था। मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ परेशानी के कारण टोकन नहीं कट पा रहा था, जिससे परेशान हो गया था। टेंशन में आकर सुसाइड की कोशिश की। घायल किसान के बेटे शंकर गांड़ा (34) ने रोते हुए बताया कि हमारे परिवार में 11 सदस्य हैं। 1 एकड़ 40 डिसमिल जमीन है। धान की पूरी कटाई हो गई है। धान को घर में ही रखे हैं। हम टोकन के लिए चॉइस सेंटर जा रहे थे। वहां बार-बार अपडेट मांगा जा रहा था। मवेशियों को चराने निकले थे, खेत में काट लिया गला शंकर गाड़ा ने बताया कि खेमड़ा सोसायटी में 50 कट्टा धान बेचने के लिए टेंशन में थे। रोज की तरह सुबह 8 बजे मवेशियों को चराने निकले थे। गांव के खेतों में ही उन्होंने अचानक ब्लेड से अपना गला काट लिया। इससे बहुत ज्यादा खून बह गया है। ग्रामीणों ने गला काटने की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद 112 के माध्यम से किसान को अस्पताल ले जाया गया। बागबाहरा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां से महासमुंद मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर होने की वजह से रायपुर रेफर किया गया है। किसान सरकार की किसान-विरोधी नीतियों का शिकार हो रहे- भूपेश बघेल वहीं किसान मनबोध गाड़ा से मुलाकात करने कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अंबेडकर अस्पताल पहुंचा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित प्रतिनिधिमंडल ने किसान के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि किसान सरकार की किसान-विरोधी नीतियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है और किसान इस व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी, तौल में गड़बड़ी और वजन घटतौली जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, धान के लिए की जाने वाली वसूली भी विवाद का कारण बनी हुई है। कलेक्टर बोले- जांच होगी महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दैनिक भास्कर को बताया कि संबंधित किसान सोसायटी गया ही नहीं था, बल्कि अन्य स्रोतों से टोकन कटवाने की कोशिश कर रहा था। सोसायटी में टोकन की एक सीमा होती है। टोकन की कोई सामान्य परेशानी नहीं है। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… राजनांदगांव में ब्याज-वसूली से परेशान किसान ने लगाई फांसी: सुसाइड नोट में ज्वेलर्स-कारोबारियों के नाम, परिजन बोले-धमकाया, गुंडे भेजे; 6 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 19 नवंबर की सुबह रामखिलावन साहू का शव (49 साल) सिंघोला धान खरीदी केंद्र के पास एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में राजनांदगांव के सर्राफा व्यापारी आरके ज्वेलर्स के संचालक, मंडी कारोबारी उमेश पालीवाल और रमेश पालीवाल के नाम लिखे गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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