एशिया कप 2025 का 11वां मैच श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में रात 8:00 बजे से शुरू होगा। टॉस थोड़ी देर में होगा। ग्रुप-बी में कौन सी दो टीमें सुपर-4 के लिए क्वालिफाई करेंगी, इस मुकाबले से इसका फैसला होगा। श्रीलंकाई टीम आज का मैच जीतती है तो सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर लेगी, दूसरी टीम बांग्लादेश होगी और अफगानिस्तान बाहर हो जाएगी। वहीं, अगर अफगानिस्तान की टीम इस मुकाबले को जीतती है तो वह श्रीलंका के साथ क्वालिफाई कर लेगी। टी-20 में नौवीं बार होगा सामना
टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका और अफगानिस्तान अब तक कुल 8 बार आमने-सामने आ चुके हैं। इनमें से श्रीलंका ने 5 मुकाबले जीते हैं जबकि अफगानिस्तान ने 3 मैच अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच मुकाबले हमेशा कड़े और रोमांचक रहे हैं क्योंकि अफगानिस्तान की स्पिन गेंदबाजी और श्रीलंका की संतुलित बल्लेबाजी अक्सर टक्कर देती है। निसांका ने शुरुआती दोनों मैचों में अर्धशतक लगाए
श्रीलंका के पथुम निसांका 118 रन के साथ एशिया कप 2025 के टॉप बैटर हैं। निसांका ने टूर्नामेंट के दोनों ही मैचों में अर्धशतक लगाया है। उन्होंने पहले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 50 और दूसरे मैच में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 68 रन की पारी खेली थी। वनिंदू हसरंगा टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उमरजई ने टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए
टूर्नामेंट के पहले मैच में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ अफगानिस्तान ने 94 रन की बड़ी जीत दर्ज की। सेदिकुल्लाह अटल ने शानदार बैटिंग की, नाबाद 73 रन बनाए थे। उस मैच में अजमतुल्लाह उमरजई ने 21 गेंदों में 53 रन बनाए थे। उमरजई टूर्नामेंट में टीम के टॉप स्कोरर हैं। नूर अहमद ने सबसे ज्यादा विकेट झटके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI पिच रिपोर्ट: चेज करना आसान
अबू धाबी का शेख जायद स्टेडियम टी-20 क्रिकेट के लिए बेहद मशहूर वेन्यू रहा है। यहां अब तक 73 इंटरनेशनल टी-20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इसमें से 41 मैच चेज और 32 मैच डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर करीब 140-145 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी में बैटिंग करने वाली टीमों को अक्सर थोड़ा फायदा मिलता है। बड़े टूर्नामेंट और एशिया कप जैसे मुकाबलों में यहां पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बराबर मदद मिलती देखी गई है। शेख जायद की पिच आमतौर पर धीमी रहती है, जिस पर स्पिनरों को मदद मिलती है। वहीं, शाम के मैचों में ओस की वजह से दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं और बल्लेबाजीं आसान हो जाती है। यही कारण है कि इस मैदान पर चेज करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर माना जाता है।
