अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स करीब 2,300 अंक (2.80%) नीचे 76,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 700 अंक (2.80%) की गिरावट है, ये 23,750 कारोबार कर रहा है। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली है। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक उनके शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और इसे सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें कच्चा तेल 10 दिन में 60% चढ़ा ब्रेंट क्रूड की कीमत आज 25% से ज्यादा चढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। 28 फरवरी को इस जंग की शुरुआत हुई थी। तब से अब तक यानी 10 दिन में ही कच्चा तेल करीब 60% महंगा हो चुका है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था। जानकारों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। दिल्ली में पेट्रोल ₹95 लीटर से बढ़कर ₹100 तक पहुंच सकता है। वहीं डीजल ₹88 से बढ़कर ₹92 तक जा सकता है। अन्य शहरों में भी इसी तरह कीमतें बढ़ सकती है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेज है, इससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे नहीं होंगे।
एशियाई बाजारों में गिरावट अमेरिकी बाजार में 6 मार्च को गिरावट रही बीते हफ्ते बाजार में रही थी गिरावट
इससे पहले शुक्रवार यानी 6 मार्च को शेयर मार्केट में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 315 अंक (1.27%) की गिरावट रही थी। ये 24,450 पर आ गया था।
