अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आज फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को नर्क बनाने धमकी देने के बाद ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की बात कही है। इससे आज एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $1.71 की बढ़कर $110.74 पर पहुंच गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह तनाव इसी तरह जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल पहुंच सकती हैं। इसके अलावा, अगर कच्चे तेल की कीमत में $1 की बढ़ोतरी सालभर बनी रहती है, तो भारत का सालाना आयात बिल करीब ₹16,000 करोड़ बढ़ जाएगा। 38 दिन में इंडियन बास्केट 71% महंगा भारत की चिंता: महंगाई और रुपए पर सीधा असर पड़ेगा भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए यह स्थिति चिंताजनक है। ईरान ने होर्मुज रूट को लगभग बंद कर दिया है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से न सिर्फ कच्चा तेल, बल्कि एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी भारी तेजी आने लगी है। तेल की कीमतें 10 डॉलर बढ़ने से 0.60% बढ़ेगी महंगाई रेटिंग एजेंसी केयरएज ग्लोबल के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ोतरी से भारत में रिटेल महंगाई 60 बेसिस पॉइंट्स (0.60%) तक बढ़ सकती है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है, ऐसे में वहां के हालात बिगड़ने से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट, GDP ग्रोथ और रुपए की वैल्यू पर भी दबाव बढ़ेगा। ट्रम्प का अल्टीमेटम- मंगलवार रात 8 बजे तक का समय ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की बात कही। ट्रम्प ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा यानी हमला होगा। ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोले दे, नहीं तो नरक जैसे हालात में पहुंच जाएगा। ईरान का पलटवार: पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में जल जाएगा ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं। OPEC+ ने लिया उत्पादन बढ़ाने का फैसला बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सऊदी अरब और रूस सहित आठ OPEC+ देशों ने रविवार को एक वर्चुअल मीटिंग की। इसमें फैसला लिया गया कि मई 2026 से तेल उत्पादन में रोजाना 2.06 लाख बैरल की बढ़ोतरी की जाएगी। यह कदम पिछले साल घोषित की गई अतिरिक्त कटौती में बदलाव के तहत उठाया गया है। संगठन का कहना है कि वे बाजार की स्थितियों पर करीबी नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उत्पादन में और बदलाव किए जा सकते हैं।
