अमेरिका ने बुधवार को दो जहाज मैरिनेरा और सोफिया को समुद्र में पकड़ा था। इनमें से मैरिनेरा जहाज पर रूसी झंडे लगा था, जिस पर तीन भारतीय नागरिक भी सवार थे। ‘न्यूज एजेंसी रशिया टुडे के मुताबिक’ मैरिनेरा जहाज पर कुल 28 लोग मौजूद थे। इनमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल थे। अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था और उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किया। रूसी सांसद एलेक्सी ज़ुरावल्योव ने कहा है कि इस मामले को समुद्री डकैती जैसा माना जाना चाहिए और रूस को मिलिट्री एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने एटमी हथियारों के इस्तेमाल की भी चेतावनी दी।
रूस बोला- अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा रूस ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने इस जहाज को खुले समुद्र में रोका, जहां किसी भी देश का अधिकार नहीं होता। रूस का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन है। वहीं चीन ने भी अमेरिकी की इस कार्रवाई का विरोध किया है। रूस ने कहा कि यह टैंकर एक निजी व्यापारी का था और पहले यह गुयाना के झंडे के तहत चल रहा था। जब अमेरिका ने जहाज को अमेरिकी बंदरगाह ले जाने का आदेश दिया, तो जहाज ने मना कर दिया और अटलांटिक महासागर की ओर चला गया। इसके बाद अमेरिका और नाटो देशों ने इसका पीछा किया, जिसमें ब्रिटेन ने भी मदद की। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को पहले ही बता दिया गया था कि यह जहाज रूसी है और सिविल काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है। रूस ने मांग की है कि जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ सही व्यवहार किया जाए और उन्हें सुरक्षित घर लौटने दिया जाए। चीन ने भी अमेरिका का विरोध किया चीन ने भी अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह बिना संयुक्त राष्ट्र की इजाजत लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों के खिलाफ है। ऑस्ट्रिया की पूर्व विदेश मंत्री और अमेरिका के एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने भी इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। वहीं, अमेरिका की यूरोपीय सैन्य कमान ने कहा कि इस टैंकर को अमेरिकी फेडरल कोर्ट के आदेश पर पकड़ा गया। अमेरिकी कोस्ट गार्ड काफी समय से इस जहाज पर नजर रखे हुए था। अमेरिका का दावा है कि जहाज जानबूझकर उनसे बचता रहा। पहचान छिपाने के लिए जहाज ने अपना झंडा बदला, नाम बदला और जहाज के शरीर पर नया नाम भी लिख दिया गया।
